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विस्तृत उत्तर
पार्वण श्राद्ध = एक विशिष्ट कोटि का श्राद्ध, जो पितृ पक्ष में किया जाने वाला श्राद्ध है।
### परिभाषा:
पितृ पक्ष में किया जाने वाला श्राद्ध 'पार्वण श्राद्ध' की कोटि में आता है।
### मुख्य विशेषताएं:
1विशेष काल (पर्व) पर
- ▸'पार्वण' शब्द 'पर्व' से बना है।
- ▸अर्थात् यह विशेष पर्व/काल पर ही किया जाता है — विशेषतः पितृ पक्ष में।
2तीन पीढ़ियों के पितरों का संयुक्त श्राद्ध
- ▸इसमें तीन पीढ़ियों के पितरों का संयुक्त रूप से तर्पण और पिण्डदान किया जाता है।
- ▸तीन पीढ़ियाँ = पिता, पितामह (दादा), प्रपितामह (परदादा)।
3संयुक्त तर्पण और पिण्डदान
- ▸तीनों पूर्वजों को एक साथ तर्पण और पिण्डदान।
- ▸अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही अनुष्ठान में संयुक्त।
### पार्वण श्राद्ध का स्थान:
- ▸यह पितृ पक्ष की प्रतिपदा से सर्वपितृ अमावस्या तक की अवधि में किया जाता है।
- ▸प्रतिपदा श्राद्ध भी पार्वण श्राद्ध की कोटि में आता है।
### महत्व:
पार्वण श्राद्ध सनातन धर्म की सबसे व्यवस्थित और सामूहिक श्राद्ध परंपरा है, जिसमें एक ही अनुष्ठान से तीन पीढ़ियों के पितर तृप्त होते हैं।
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