श्राद्ध फलमार्कण्डेय पुराण के अनुसार श्राद्ध से क्या मिलता है?मार्कण्डेय पुराण के अनुसार श्राद्ध से ग्यारह फल मिलते हैं। ये हैं लंबी आयु, आज्ञाकारी पुत्र, निर्मल यश, स्वर्गलोक, उत्तम कीर्ति, शारीरिक पुष्टि स्वास्थ्य, बल, अपार ऐश्वर्य, पशु-धन गौ आदि, लौकिक सुख, और धन-धान्य। यह विष्णु पुराण के साथ भी पुष्ट है।#मार्कण्डेय पुराण#ग्यारह फल#पितृ पूजन
श्राद्ध फलश्राद्ध से क्या-क्या प्राप्त होता है?श्राद्ध से प्राप्त होते हैं — लंबी आयु, आज्ञाकारी पुत्र, निर्मल यश, स्वर्गलोक, उत्तम कीर्ति, शारीरिक पुष्टि, बल, अपार ऐश्वर्य, पशु-धन, लौकिक सुख, धन-धान्य, श्रेष्ठ ज्ञान, मोक्ष, और राज्य-सत्ता। याज्ञवल्क्य स्मृति में आठ अमूल्य संपदाओं का वर्णन है, और मार्कण्डेय तथा विष्णु पुराण में भी इसकी पुष्टि की गई है।
लोकसपत्नीक पितृ पूजन का क्या अर्थ है?सपत्नीक पितृ पूजन में पितरों को उनकी पत्नियों सहित वसु, रुद्र और आदित्य देव-वर्गों के साथ पूजते हैं।#सपत्नीक#पितृ पूजन#श्राद्ध