शिवलिंग प्रकारबाणलिंग और स्वयंभू शिवलिंग में क्या अंतर होता है?बाणलिंग: नर्मदा नदी से प्राप्त, प्रवाह से गोलाकार, बाणासुर कथा से नामकरण, घर में स्थापना सरल। स्वयंभू: शिव स्वयं प्रकट, अत्यंत दुर्लभ, अमरनाथ/ज्योतिर्लिंग इसी श्रेणी में। दोनों में प्राण प्रतिष्ठा अनावश्यक। स्वयंभू सर्वश्रेष्ठ, बाणलिंग सर्वसुलभ।#बाणलिंग#स्वयंभू#नर्मदेश्वर
शिव पूजा विधिनर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा सामान्य शिवलिंग से कैसे अलग होती है?नर्मदेश्वर शिवलिंग (बाणलिंग) स्वयंभू है — प्राण प्रतिष्ठा अनावश्यक (शिव पुराण)। घर में 6 इंच तक स्थापित कर सकते हैं। हजारों सामान्य शिवलिंग पूजा का फल दर्शन मात्र से प्राप्त। सामान्य शिवलिंग में प्राण प्रतिष्ठा, विस्तृत विधि अनिवार्य। जलधारी का मुख उत्तर दिशा में रखें।
शिवलिंग प्रकारबाणलिंग और स्वयंभू शिवलिंग में क्या अंतर होता है?बाणलिंग: नर्मदा नदी से प्राप्त, प्रवाह से गोलाकार, बाणासुर कथा से नामकरण, घर में स्थापना सरल। स्वयंभू: शिव स्वयं प्रकट, अत्यंत दुर्लभ, अमरनाथ/ज्योतिर्लिंग इसी श्रेणी में। दोनों में प्राण प्रतिष्ठा अनावश्यक। स्वयंभू सर्वश्रेष्ठ, बाणलिंग सर्वसुलभ।#बाणलिंग#स्वयंभू#नर्मदेश्वर