सुमेरु और ब्रह्म ग्रंथिब्रह्म ग्रंथि का व्यावहारिक महत्व क्या है?ब्रह्म ग्रंथि का व्यावहारिक महत्व: दो मनके आपस में नहीं टकराते जिससे जप में ध्वनि नहीं होती और एकाग्रता भंग नहीं होती — माला टूटने पर भी सभी मनके बिखरते नहीं हैं।#व्यावहारिक महत्व#एकाग्रता#मनके नहीं टकराना