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मृत्यु देवता से जुड़े सभी प्रश्न(3)

मृत्यु देवता पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 3 प्रश्न उपलब्ध हैं।

पद्म पुराण

द्वितीया तिथि का यमराज से क्या सम्बन्ध है?

द्वितीया तिथि का यमराज से विशेष और शाश्वत सम्बन्ध है। यमराज मृत्यु के देवता और पितरों के स्वामी हैं। पद्म पुराण के अनुसार यमुना ने यमराज को द्वितीया तिथि पर भोजन कराया था, जिससे यमराज ने इस तिथि को महोत्सर्ग घोषित किया। तब से द्वितीया तिथि मात्र पर यमराज का विशेष आधिपत्य रहता है, और इस दिन श्राद्ध करने से पितरों को विशेष राहत मिलती है।

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श्राद्ध विधि

कौवे को यम का दूत क्यों कहते हैं?

कौवे को यम का दूत इसलिए कहते हैं क्योंकि वह परलोक का संदेशवाहक माना जाता है। यम मृत्यु के देवता हैं, और कौवा उनके संदेश को जीवित और मृत के बीच पहुँचाने का माध्यम है। श्राद्ध में कौवे को अंश देना पितरों तक अन्न पहुँचाने का सीधा तरीका है। यदि कौवा अंश ग्रहण करे, तो पितरों की प्रसन्नता मानी जाती है।

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लोक

यमराज कौन हैं?

यमराज मृत्यु के देवता, धर्मराज, पितरों के अधिपति और ब्रह्मांडीय न्याय के सर्वोच्च अधिकारी हैं।

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