भक्ति रसभक्ति में रोमांच अश्रु कंपन स्वेद विवर्णता स्वरभंग स्तंभ प्रलय क्या हैं?अष्ट सात्विक भाव: (1) स्तम्भ (जड़) (2) स्वेद (पसीना) (3) रोमांच (रोम खड़े) (4) स्वरभंग (गला रुँधना) (5) कम्प (काँपना) (6) विवर्णता (रंग बदलना) (7) अश्रु (आँसू) (8) प्रलय (मूर्छा)। भक्ति गहराई प्रमाण। चैतन्य/मीरा/हनुमान। स्वतःस्फूर्त=सच्चे, जबरदस्ती=नकली।#अष्ट सात्विक भाव#रोमांच#अश्रु
आध्यात्मिक अनुभवमंदिर में प्रवेश करते ही रोमांच होने का क्या अर्थ है?दिव्य ऊर्जा स्पर्श, आत्मा 'पहचानना', भागवत: रोमहर्ष=अष्ट सात्विक भाव (भक्ति प्रमाण)। मंदिर=शक्तिशाली ऊर्जा क्षेत्र। न हो≠भक्ति कम — सब भिन्न।#रोमांच#गूजबम्प्स#मंदिर ऊर्जा