शिव पुराण परिचयवायवीय संहिता में किसका वर्णन हैवायवीय संहिता (4,000 श्लोक, 2 भाग) में वायु देव द्वारा प्रवचित शिव-तत्व का सर्वोच्च दार्शनिक विवेचन, पाशुपत दर्शन, माया-जीव-शिव का अद्वैत संबंध और मोक्ष मार्ग का वर्णन है।#वायवीय संहिता#वायु देव#शिव दर्शन
108 मनकों का रहस्यशिव पुराण में 108 मनकों की माला के बारे में क्या कहा गया है?शिव पुराण की वायवीय संहिता में भगवान शिव स्वयं 108 मनकों की माला को सर्वश्रेष्ठ बताते हैं और इसे 'सर्वसिद्धिदायक' (सभी सिद्धियाँ देने वाली) कहा गया है।#शिव पुराण
शास्त्रीय प्रमाण और फलश्रुतिवायवीय संहिता में पारद शिवलिंग के बारे में क्या कहा गया है?वायवीय संहिता के अनुसार आयु, आरोग्य, ऐश्वर्य और अन्य सभी अभिलाषाएं रसलिंग (पारद शिवलिंग) के पूजन से सहज ही प्राप्त हो जाती हैं।#वायवीय संहिता#आयु आरोग्य ऐश्वर्य#मनोवांछित