विस्तृत उत्तर
भगवान शिव स्वयं शिव पुराण की वायवीय संहिता में 108 मनकों की माला को सर्वश्रेष्ठ बताते हैं।
यह स्पष्ट शास्त्र-प्रमाण इस संख्या की दिव्यता और महत्व को सिद्ध करता है। 108 दानों की माला को 'सर्वसिद्धिदायक' अर्थात सभी सिद्धियों को प्रदान करने वाली कहा गया है।




