ध्यान अनुभवध्यान में किसी अनजान स्थान पर पहुंचने का अनुभव क्या है?अनुभव: ध्यान में अज्ञात स्थान — मंदिर/पहाड़/दिव्य लोक (जीवन्त)। व्याख्या: (1) सूक्ष्म शरीर यात्रा (Astral) (2) योगसूत्र 3.43: 'महाविदेह' (3) पूर्व जन्म स्मृति (4) मन कल्पना (सभी दिव्य नहीं)। गुरु=सत्यापन। उलझें नहीं — ध्यान जारी। बलपूर्वक=खतरनाक।#सूक्ष्म यात्रा#Astral Travel#ध्यान अनुभव
ध्यान अनुभवध्यान में किसी अनजान स्थान पर पहुंचने का अनुभव क्या है?अनुभव: ध्यान में अज्ञात स्थान — मंदिर/पहाड़/दिव्य लोक (जीवन्त)। व्याख्या: (1) सूक्ष्म शरीर यात्रा (Astral) (2) योगसूत्र 3.43: 'महाविदेह' (3) पूर्व जन्म स्मृति (4) मन कल्पना (सभी दिव्य नहीं)। गुरु=सत्यापन। उलझें नहीं — ध्यान जारी। बलपूर्वक=खतरनाक।