श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह के बाद गीता पाठ कब करें?यदि श्रोता विरक्त हो तो कर्म की शांति के लिये अगले दिन गीता पाठ करने को कहा गया है।#गीता पाठ#विरक्त#कथा समाप्ति
श्रीमद्भागवतगीता पाठ से वैराग्य क्यों नहीं जागा?नारदजी ने गीता-पाठ किया, पर ज्ञान-वैराग्य पूरी तरह न जागे; सनकादि ने भागवत-कथा को फलरूप सार बताया।#गीता पाठ#वैराग्य#श्रीमद्भागवत
लोकदशमी श्राद्ध से पितृ दोष कैसे शांत होता है?तर्पण, पिण्डदान, पंचबलि और गीता पाठ से।#पितृ दोष#पंचबलि#गीता पाठ
लोकदशमी श्राद्ध से पितृ दोष मिटता है क्या?हाँ, पितृ दोष शांति में सहायक है।#पितृ दोष#दशमी श्राद्ध#गीता पाठ
लोकगीता अध्याय 8 अष्टमी श्राद्ध में क्यों पढ़ते हैं?यह पितृ मुक्ति से जुड़ा बताया गया है।#अक्षरब्रह्मयोग#गीता पाठ#पितृ मुक्ति
गीता अध्ययनभगवद गीता का पाठ कैसे करें?गीता का पाठ प्रातःकाल स्नान के पश्चात, शांत मन से, श्रद्धापूर्वक करना चाहिए। पहले महात्म्य पढ़ें, फिर श्लोकों का अर्थ समझते हुए क्रमशः अध्याय 1 से 18 तक पाठ करें और ज्ञान को जीवन में उतारें।#गीता पाठ#विधि#नियम