रुद्राभिषेकरुद्राभिषेक करवाने से पितृ दोष दूर होता है या नहीं?हां — रुद्राभिषेक पितृ दोष निवारण में अत्यंत प्रभावशाली (शिव पुराण/ज्योतिष शास्त्र)। विशेष: श्राद्ध पक्ष/अमावस्या पर कराएं। तिल मिश्रित जल + महामृत्युंजय मंत्र। कालसर्प, मंगल, शनि दोष भी दूर होते हैं। श्राद्ध/तर्पण भी साथ करें।#पितृ दोष#रुद्राभिषेक#कुंडली
पाशुपत अस्त्र साधनासाधना के दौरान रुद्राभिषेक क्यों करना चाहिए?शिव कृपा पाने और जप के दोषों को दूर करने के लिए रुद्राभिषेक किया जाता है।#रुद्राभिषेक#दोष निवारण#शिव कृपा
परिचयप्रदोष काल क्या होता है?'प्रदोष' का मतलब है दोषों (पापों और कष्टों) का निवारण। यह दिन और रात के मिलने का वह समय है जब शिव पूजा करने से सारे पाप खत्म हो जाते हैं।#प्रदोष#दोष निवारण#संधिकाल
हवनहवन करवाने से घर का वास्तु दोष दूर होता है क्याहाँ मान्य। अग्नि=शुद्धिकरण। वास्तु शान्ति हवन: नवग्रह+वास्तु मंत्र+सप्तधान्य। नकारात्मकता नष्ट, पंचतत्व सन्तुलन। गम्भीर दोष=वास्तु सुधार+हवन दोनों।#वास्तु#हवन#दोष निवारण
तंत्र साधनातंत्र साधना में नींबू का प्रयोग किस उद्देश्य से होता है?नींबू उद्देश्य: नजर उतारना (सिर से उतार → चौराहे), नकारात्मकता शोषक (अम्लीय प्रकृति), नींबू-मिर्च तोरण (रक्षा), देवी पूजा (बाधा कटना), ग्रह शांति (राहु), शुद्धिकरण। वैज्ञानिक: सिट्रिक एसिड = जीवाणुनाशक + कीट नियंत्रण।#नींबू#तंत्र#नजर
पूजा विधिकालसर्प दोष पूजा त्र्यम्बकेश्वर में कैसे करवाएं?त्र्यम्बकेश्वर कालसर्प पूजा: ज्योतिषीय पुष्टि → अमावस्या/नागपंचमी शुभ → नागबलि/नारायण नागबलि → त्रिपिंडी श्राद्ध → राहु-केतु शांति हवन → रुद्राभिषेक → कुशावर्त स्नान → दान। अधिकृत मंदिर पुजारी से करवाएँ। दोष पर विद्वानों में मतभेद।#कालसर्प दोष#त्र्यम्बकेश्वर#राहु-केतु