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महत्व

ध्वनि का महत्व(2)

ध्वनि का अर्थध्वनि क्या है?ध्वनि का महत्व
सरल उत्तर

वेदों में मंत्र नाद-ब्रह्म का स्वरूप हैं — शाश्वत ध्वनि-शक्ति जो देवताओं को आकर्षित करती और चित्त को शुद्ध करती है। गायत्री मंत्र (ऋग्वेद 3/62/10) 'वेद-माता' है। ॐ ब्रह्मांड की आदि-ध्वनि और ब्रह्म का प्रथम प्रकटीकरण है।

स्रोत प्रश्न: वेदों में मंत्रों का महत्व क्या है? →
वेद ज्ञान

वेदों में मंत्रों का महत्व क्या है?

वेदों में मंत्र नाद-ब्रह्म का स्वरूप हैं — शाश्वत ध्वनि-शक्ति जो देवताओं को आकर्षित करती और चित्त को शुद्ध करती है। गायत्री मंत्र (ऋग्वेद 3/62/10) 'वेद-माता' है। ॐ ब्रह्मांड की आदि-ध्वनि और ब्रह्म का प्रथम प्रकटीकरण है।

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हिंदू धर्म दर्शन

हिंदू धर्म में मंत्र का महत्व क्या है?

हिंदू धर्म में मंत्र का अर्थ है मन को एकाग्र करने वाली दिव्य ध्वनि। ऋग्वेद में 10,552 मंत्र हैं। 'ॐ' सबसे मूल मंत्र है। गीता (10/25) में श्रीकृष्ण ने कहा — 'यज्ञानां जपयज्ञोऽस्मि' — सभी यज्ञों में जपयज्ञ मैं हूँ।

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और महत्व
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