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महत्व

ब्रह्ममुहूर्त का महत्व(2)

ब्रह्ममुहूर्त का अर्थब्रह्ममुहूर्त क्या है?ब्रह्ममुहूर्त का महत्व
सरल उत्तर

सात्विक ऊर्जा अधिकतम। सप्तशती, नवार्ण जप विशेष फलदायी। काली/भैरवी = रात्रि। संध्या भी शुभ। नियमितता प्रधान।

स्रोत प्रश्न: देवी की पूजा में ब्राह्म मुहूर्त का क्या विशेष महत्व है? →
देवी पूजा नियम

देवी की पूजा में ब्राह्म मुहूर्त का क्या विशेष महत्व है?

सात्विक ऊर्जा अधिकतम। सप्तशती, नवार्ण जप विशेष फलदायी। काली/भैरवी = रात्रि। संध्या भी शुभ। नियमितता प्रधान।

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शिव पूजा नियम

शिव की पूजा में ब्राह्म मुहूर्त का क्या विशेष महत्व है?

सूर्योदय ~96 मिनट पूर्व। सात्विक ऊर्जा अधिकतम, मन शांत, प्राणवायु शुद्ध। 'ब्रह्म' मुहूर्त = शिव (ब्रह्म) का समय। कुंडलिनी ध्यान सर्वाधिक प्रभावी। महाकालेश्वर भस्म आरती इसी समय।

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