वेदों में मंत्रों का महत्व क्या है?
#मंत्र#वेद#गायत्री
वेदों में मंत्र नाद-ब्रह्म का स्वरूप हैं — शाश्वत ध्वनि-शक्ति जो देवताओं को आकर्षित करती और चित्त को शुद्ध करती है। गायत्री मंत्र (ऋग्वेद 3/62/10) 'वेद-माता' है। ॐ ब्रह्मांड की आदि-ध्वनि और ब्रह्म का प्रथम प्रकटीकरण है।
स्रोत प्रश्न: वेदों में मंत्रों का महत्व क्या है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के महत्व।
सभी ध्वनि सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।