वेदों में यज्ञ का महत्व क्या है?
#यज्ञ#वेद#हवन
वेदों में यज्ञ देव-मनुष्य परस्पर-सम्बन्ध का सेतु है। ऋग्वेद (1/1/1) का प्रथम श्लोक अग्नि-यज्ञ से आरंभ होता है। गीता (3/14-16) में वर्षा-अन्न-जीवन-यज्ञ का ब्रह्मांडीय चक्र बताया गया है। पाँच महायज्ञ प्रत्येक गृहस्थ का नित्य-कर्तव्य है।
स्रोत प्रश्न: वेदों में यज्ञ का महत्व क्या है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के महत्व।
सभी हवन सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।