Gayatri Mantra — सविता देव को समर्पित
स्रोत: ऋग्वेद (3.62.10)
ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्॥
हम उस प्रकाशमान सविता देव के श्रेष्ठ तेज का ध्यान करते हैं, जो हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करें।
बुद्धि का विकास, मन की शुद्धि, आत्मिक शांति, तेजस्विता।
प्रातःकाल सूर्योदय के समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके 108 बार जाप करें।
गायत्री मंत्र का जाप 108 या 1008 बार करना शुभ माना जाता है।