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नक्षत्र

रोहिणी नक्षत्र — नक्षत्र — पूजा, मंत्र, उपाय प्रश्नोत्तर(3)

रोहिणी नक्षत्र से जुड़े 3 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

काल निर्णय

श्राद्ध करने का सबसे सही समय (कुतप और रोहिणी मुहूर्त) कौन सा है?

श्राद्ध हमेशा दोपहर में करना चाहिए। 'कुतप मुहूर्त' (11:36 AM-12:24 PM) और 'रोहिणी मुहूर्त' (12:24 PM-01:12 PM) पूजा और पिंडदान के लिए सबसे श्रेष्ठ माने जाते हैं।

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पंचांग एवं ज्योतिष

रोहिणी नक्षत्र क्या होता है?

रोहिणी 27 नक्षत्रों में चतुर्थ, नक्षत्रों की रानी। वृषभ 10°–23°20'। स्वामी चंद्रमा, देवता ब्रह्मा। प्रतीक बैलगाड़ी। सभी शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम। जन्म में सुंदर, कलाप्रेमी, समृद्ध।

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त्योहार पूजा

जन्माष्टमी पर कृष्ण जन्म की पूजा कैसे करें?

जन्माष्टमी: निर्जला व्रत → झूला सजाएँ → मध्यरात्रि 12 बजे बालकृष्ण पंचामृत अभिषेक → वस्त्र-मुकुट-मोरपंख → माखन-मिश्री भोग → 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' → कृष्ण जन्म कथा → आरती → झूला → प्रसाद से व्रत पारण।

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आज का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त

पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
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होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी — पर्व-केन्द्रित प्रश्नोत्तर।