ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
अक्बरपुरम्, उत्तर प्रदेश

अक्बरपुरम् — पंचांग

17 जनवरी 2025, शुक्रवार

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
20:49
चंद्रास्त
09:08
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जनवरी 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण चतुर्थी
00:00 तक
अगली: कृष्ण पंचमी
प्रगति11%
नक्षत्र
मघा (4 पाद)
12:45 तक
अगली: पूर्व फाल्गुनी
स्वामी: केतु
योग
सौभाग्य
00:00 तक
अगला: शोभन
शुभ
करण
बव
00:00 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण चतुर्थी· 00:00 तक
कृष्ण पंचमी
नक्षत्र
मघा · पद 4· 12:45 तक
पूर्व फाल्गुनी
योग
सौभाग्य· 00:00 तक
शोभन
करण
बव· 00:00 तक
बालव
वार
शुक्रवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमकर
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
पद2
देशांतर272°58'09"
चन्द्रमा
राशिसिंह
नक्षत्रमघा
पद4
देशांतर130°15'48"

राशि

चंद्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
मकर

अक्बरपुरम् — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 — 06:01
प्रातः सन्ध्या
06:01 — 07:37
सूर्योदय
06:49
अभिजित मुहूर्त
11:46 — 12:34
अमृत कालविशेष
09:30 — 10:50
विजय मुहूर्त
15:23 — 16:05
गोधूलि मुहूर्त
17:07 — 17:55
सूर्यास्त
17:31
सायाह्न सन्ध्या
17:34 — 18:43
निशिता मुहूर्त
23:46 — 00:34
राहु काल
10:50 — 12:10
यमगंड काल
14:50 — 16:11
गुलिक काल
08:09 — 09:30
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:50 — 09:30
द्वितीय दुर्मुहूर्त
10:50 — 11:30
चंद्रोदय
20:49
चंद्रास्त
09:08
मध्याह्न
12:10

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
माघ
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
मघा
नक्षत्र स्वामी
केतु
नक्षत्र देवता
पितृगण
सूर्य नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
पद 2स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 41 मिनट 44 सेकण्ड
26 घटी 44 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 18 मिनट 16 सेकण्ड
33 घटी 16 पल
मध्याह्न (सौर)
12:10
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 17 जनवरी 2025, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:4908:09
चर
यात्रा, वाहन चालन
08:0909:30
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
09:3010:50
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:5012:10
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:1013:30
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:3014:50
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
14:5016:11
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
16:1117:31
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

17:3119:11
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
19:1120:50
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
20:5022:30
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:3000:10
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:1001:50
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
01:5003:30
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:3005:09
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
05:0906:49
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

अक्बरपुरम् पंचांग — जनवरी 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 17 जनवरी 2025, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

अक्बरपुरम् पंचांग — 17 जनवरी 2025, शुक्रवार

अक्बरपुरम् (उत्तर प्रदेश) के लिए 17 जनवरी 2025, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग अक्बरपुरम् के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्बरपुरम् में 17 जनवरी 2025, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

अक्बरपुरम् में 17 जनवरी 2025, शुक्रवार को सूर्योदय 06:49 बजे और सूर्यास्त 17:31 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

अक्बरपुरम् में 17 जनवरी 2025, शुक्रवार को राहु काल कब है?

अक्बरपुरम् में 17 जनवरी 2025, शुक्रवार को राहु काल 10:50 से 12:10 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

अक्बरपुरम् में 17 जनवरी 2025, शुक्रवार को तिथि क्या है?

अक्बरपुरम् में 17 जनवरी 2025, शुक्रवार को कृष्ण चतुर्थी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।