ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
अक्बरपुरम्, उत्तर प्रदेश

अक्बरपुरम् — पंचांग

31 मार्च 2025, सोमवार

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
06:54
चंद्रास्त
20:34
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

मार्च 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
09:12 तक
अगली: शुक्ल तृतीया
प्रगति84%
नक्षत्र
अश्विनी (3 पाद)
13:45 तक
अगली: भरणी
स्वामी: केतु
योग
वैधृति
13:45 तक
अगला: विष्कम्भ
अशुभ
करण
कौलव
09:12 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वितीया· 09:12 तक
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
अश्विनी · पद 3· 13:45 तक
भरणी
योग
वैधृति· 13:45 तक
विष्कम्भ
करण
कौलव· 09:12 तक
तैतिल
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमीन
नक्षत्रउत्तरभाद्रपद
पद4
देशांतर346°20'11"
चन्द्रमा
राशिमेष
नक्षत्रअश्विनी
पद3
देशांतर8°22'50"

राशि

चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
मीन

अक्बरपुरम् — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 — 05:04
प्रातः सन्ध्या
05:04 — 06:40
सूर्योदय
05:52
अभिजित मुहूर्त
11:40 — 12:28
अमृत कालविशेष
05:52 — 07:25
विजय मुहूर्त
15:48 — 16:37
गोधूलि मुहूर्त
17:52 — 18:40
सूर्यास्त
18:16
सायाह्न सन्ध्या
18:19 — 19:28
निशिता मुहूर्त
23:40 — 00:28
राहु काल
07:25 — 08:58
यमगंड काल
08:58 — 10:31
गुलिक काल
13:37 — 15:10
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:31 — 11:18
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:37 — 14:24
चंद्रोदय
06:54
चंद्रास्त
20:34
मध्याह्न
12:04

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
चैत्र
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
अश्विनी
नक्षत्र स्वामी
केतु
नक्षत्र देवता
अश्विनी कुमार
सूर्य नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद
पद 4स्वामी: शनि

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 24 मिनट 20 सेकण्ड
31 घटी 1 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 35 मिनट 40 सेकण्ड
28 घटी 59 पल
मध्याह्न (सौर)
12:04
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 31 मार्च 2025, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:5207:25
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:2508:58
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
08:5810:31
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:3112:04
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:0413:37
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:3715:10
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:1016:43
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:4318:16
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:1619:43
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:4321:10
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:1022:37
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:3700:04
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:0401:31
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:3102:58
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
02:5804:25
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:2505:52
चर
यात्रा, वाहन चालन

अक्बरपुरम् पंचांग — मार्च 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 31 मार्च 2025, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

अक्बरपुरम् पंचांग — 31 मार्च 2025, सोमवार

अक्बरपुरम् (उत्तर प्रदेश) के लिए 31 मार्च 2025, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग अक्बरपुरम् के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्बरपुरम् में 31 मार्च 2025, सोमवार को सूर्योदय कब है?

अक्बरपुरम् में 31 मार्च 2025, सोमवार को सूर्योदय 05:52 बजे और सूर्यास्त 18:16 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

अक्बरपुरम् में 31 मार्च 2025, सोमवार को राहु काल कब है?

अक्बरपुरम् में 31 मार्च 2025, सोमवार को राहु काल 07:25 से 08:58 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

अक्बरपुरम् में 31 मार्च 2025, सोमवार को तिथि क्या है?

अक्बरपुरम् में 31 मार्च 2025, सोमवार को शुक्ल द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।