ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
आलप्पुझा, केरल

आलप्पुझा — पंचांग

14 जुलाई 2025, सोमवार

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
21:45
चंद्रास्त
09:06
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जुलाई 2025 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण चतुर्थी
00:00 तक
अगली: कृष्ण पंचमी
प्रगति22%
नक्षत्र
धनिष्ठा (4 पाद)
06:48 तक
अगली: शतभिषा
स्वामी: मंगल
योग
आयुष्मान
16:13 तक
अगला: सौभाग्य
शुभ
करण
बव
00:00 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण चतुर्थी· 00:00 तक
कृष्ण पंचमी
नक्षत्र
धनिष्ठा · पद 4· 06:48 तक
शतभिषा
योग
आयुष्मान· 16:13 तक
सौभाग्य
करण
बव· 00:00 तक
बालव
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमिथुन
नक्षत्रपुनर्वसु
पद3
देशांतर87°38'47"
चन्द्रमा
राशिकुम्भ
नक्षत्रधनिष्ठा
पद4
देशांतर306°18'57"

राशि

चंद्र राशि
कुम्भ
सूर्य राशि
मिथुन

आलप्पुझा — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 — 05:24
प्रातः सन्ध्या
05:24 — 07:00
सूर्योदय
06:12
अभिजित मुहूर्त
12:07 — 12:55
अमृत कालविशेष
06:12 — 07:46
विजय मुहूर्त
16:18 — 17:08
गोधूलि मुहूर्त
18:25 — 19:13
सूर्यास्त
18:49
सायाह्न सन्ध्या
18:52 — 20:01
निशिता मुहूर्त
00:07 — 00:55
राहु काल
07:46 — 09:21
यमगंड काल
09:21 — 10:56
गुलिक काल
14:05 — 15:40
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:56 — 11:43
द्वितीय दुर्मुहूर्त
14:05 — 14:53
चंद्रोदय
21:45
चंद्रास्त
09:06
मध्याह्न
12:31

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
श्रावण
चन्द्र माह (अमान्त)
आषाढ़
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
धनिष्ठा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
वसु
सूर्य नक्षत्र
पुनर्वसु
पद 3स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 37 मिनट 43 सेकण्ड
31 घटी 34 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 22 मिनट 17 सेकण्ड
28 घटी 26 पल
मध्याह्न (सौर)
12:31
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 14 जुलाई 2025, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:1207:46
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:4609:21
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:2110:56
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:5612:31
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:3114:05
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
14:0515:40
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:4017:15
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
17:1518:49
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:4920:15
चर
यात्रा, वाहन चालन
20:1521:40
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:4023:05
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
23:0500:31
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:3101:56
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:5603:21
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:2104:46
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:4606:12
चर
यात्रा, वाहन चालन

आलप्पुझा पंचांग — जुलाई 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 14 जुलाई 2025, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

आलप्पुझा पंचांग — 14 जुलाई 2025, सोमवार

आलप्पुझा (केरल) के लिए 14 जुलाई 2025, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग आलप्पुझा के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आलप्पुझा में 14 जुलाई 2025, सोमवार को सूर्योदय कब है?

आलप्पुझा में 14 जुलाई 2025, सोमवार को सूर्योदय 06:12 बजे और सूर्यास्त 18:49 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

आलप्पुझा में 14 जुलाई 2025, सोमवार को राहु काल कब है?

आलप्पुझा में 14 जुलाई 2025, सोमवार को राहु काल 07:46 से 09:21 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

आलप्पुझा में 14 जुलाई 2025, सोमवार को तिथि क्या है?

आलप्पुझा में 14 जुलाई 2025, सोमवार को कृष्ण चतुर्थी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।