ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
आलप्पुझा, केरल

आलप्पुझा — पंचांग

19 अक्टूबर 2025, रविवार

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
04:23
चंद्रास्त
16:41
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

अक्टूबर 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
13:52 तक
अगली: कृष्ण चतुर्दशी
प्रगति70%
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी (3 पाद)
17:49 तक
अगली: हस्त
स्वामी: सूर्य
योग
ऐन्द्र
00:00 तक
अगला: वैधृति
शुभ
करण
वणिज
00:00 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण त्रयोदशी· 13:52 तक
कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी · पद 3· 17:49 तक
हस्त
योग
ऐन्द्र· 00:00 तक
वैधृति
करण
वणिज· 00:00 तक
विष्टि
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशितुला
नक्षत्रचित्रा
पद3
देशांतर181°40'38"
चन्द्रमा
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद3
देशांतर154°05'36"

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
तुला

आलप्पुझा — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 — 05:25
प्रातः सन्ध्या
05:25 — 07:01
सूर्योदय
06:13
अभिजित मुहूर्त
11:46 — 12:34
अमृत कालविशेष
10:40 — 12:10
विजय मुहूर्त
15:43 — 16:31
गोधूलि मुहूर्त
17:42 — 18:30
सूर्यास्त
18:06
सायाह्न सन्ध्या
18:09 — 19:18
निशिता मुहूर्त
23:46 — 00:34
राहु काल
16:37 — 18:06
यमगंड काल
10:40 — 12:10
गुलिक काल
15:08 — 16:37
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:40 — 11:25
द्वितीय दुर्मुहूर्त
17:22 — 18:06
चंद्रोदय
04:23
चंद्रास्त
16:41
मध्याह्न
12:10

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
मार्गशीर्ष
चन्द्र माह (अमान्त)
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
उत्तर फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अर्यमा
सूर्य नक्षत्र
चित्रा
पद 3स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 53 मिनट 07 सेकण्ड
29 घटी 43 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 06 मिनट 53 सेकण्ड
30 घटी 17 पल
मध्याह्न (सौर)
12:10
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 19 अक्टूबर 2025, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:1307:42
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
07:4209:11
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:1110:40
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:4012:10
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
12:1013:39
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
13:3915:08
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
15:0816:37
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
16:3718:06
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

18:0619:37
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
19:3721:08
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
21:0822:39
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
22:3900:10
चर
यात्रा, वाहन चालन
00:1001:40
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:4003:11
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
03:1104:42
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
04:4206:13
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

आलप्पुझा पंचांग — अक्टूबर 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 19 अक्टूबर 2025, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

आलप्पुझा पंचांग — 19 अक्टूबर 2025, रविवार

आलप्पुझा (केरल) के लिए 19 अक्टूबर 2025, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग आलप्पुझा के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आलप्पुझा में 19 अक्टूबर 2025, रविवार को सूर्योदय कब है?

आलप्पुझा में 19 अक्टूबर 2025, रविवार को सूर्योदय 06:13 बजे और सूर्यास्त 18:06 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

आलप्पुझा में 19 अक्टूबर 2025, रविवार को राहु काल कब है?

आलप्पुझा में 19 अक्टूबर 2025, रविवार को राहु काल 16:37 से 18:06 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

आलप्पुझा में 19 अक्टूबर 2025, रविवार को तिथि क्या है?

आलप्पुझा में 19 अक्टूबर 2025, रविवार को कृष्ण त्रयोदशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।