ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
अंबाला, हरियाणा

अंबाला — पंचांग

7 अक्टूबर 2025, मंगलवार

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
18:02
चंद्रास्त
06:16
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

अक्टूबर 2025 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
09:17 तक
अगली: कृष्ण प्रतिपदा
प्रगति86%
नक्षत्र
रेवती (1 पाद)
00:00 तक
अगली: अश्विनी
स्वामी: बुध
योग
ध्रुव
09:30 तक
अगला: व्याघात
शुभ
करण
बव
09:17 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा· 09:17 तक
कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र
रेवती · पद 1· 00:00 तक
अश्विनी
योग
ध्रुव· 09:30 तक
व्याघात
करण
बव· 09:17 तक
बालव
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रहस्त
पद3
देशांतर169°48'22"
चन्द्रमा
राशिमीन
नक्षत्ररेवती
पद1
देशांतर348°05'06"

राशि

चंद्र राशि
मीन
सूर्य राशि
कन्या

अंबाला — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 — 05:32
प्रातः सन्ध्या
05:32 — 07:08
सूर्योदय
06:20
अभिजित मुहूर्त
11:46 — 12:34
अमृत कालविशेष
12:10 — 13:38
विजय मुहूर्त
15:41 — 16:28
गोधूलि मुहूर्त
17:37 — 18:25
सूर्यास्त
18:01
सायाह्न सन्ध्या
18:04 — 19:13
निशिता मुहूर्त
23:46 — 00:34
राहु काल
15:06 — 16:33
यमगंड काल
07:48 — 09:15
गुलिक काल
12:10 — 13:38
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:59 — 10:43
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:38 — 14:22
चंद्रोदय
18:02
चंद्रास्त
06:16
मध्याह्न
12:10

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आश्विन
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
रेवती
नक्षत्र स्वामी
बुध
नक्षत्र देवता
पूषा
सूर्य नक्षत्र
हस्त
पद 3स्वामी: चंद्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 41 मिनट 09 सेकण्ड
29 घटी 13 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 18 मिनट 51 सेकण्ड
30 घटी 47 पल
मध्याह्न (सौर)
12:10
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2007:48
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
07:4809:15
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
09:1510:43
चर
यात्रा, वाहन चालन
10:4312:10
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:1013:38
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
13:3815:06
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:0616:33
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
16:3318:01
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:0119:33
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
19:3321:06
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:0622:38
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
22:3800:10
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
00:1001:43
चर
यात्रा, वाहन चालन
01:4303:15
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
03:1504:48
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
04:4806:20
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

अंबाला पंचांग — अक्टूबर 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

अंबाला पंचांग — 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार

अंबाला (हरियाणा) के लिए 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग अंबाला के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंबाला में 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

अंबाला में 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार को सूर्योदय 06:20 बजे और सूर्यास्त 18:01 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

अंबाला में 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार को राहु काल कब है?

अंबाला में 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार को राहु काल 15:06 से 16:33 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

अंबाला में 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार को तिथि क्या है?

अंबाला में 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार को शुक्ल पूर्णिमा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।