ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Ambarnath, महाराष्ट्र

Ambarnath — पंचांग

13 दिसंबर 2026, रविवार

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
10:15
चंद्रास्त
21:40
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

दिसंबर 2026 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल चतुर्थी
16:48 तक
अगली: शुक्ल पंचमी
प्रगति63%
नक्षत्र
श्रवण (1 पाद)
00:00 तक
अगली: धनिष्ठा
स्वामी: चंद्र
योग
ध्रुव
12:14 तक
अगला: व्याघात
शुभ
करण
विष्टि
00:00 तक
अगला: बव
अशुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल चतुर्थी· 16:48 तक
शुक्ल पंचमी
नक्षत्र
श्रवण · पद 1· 00:00 तक
धनिष्ठा
योग
ध्रुव· 12:14 तक
व्याघात
करण
विष्टि· 00:00 तक
बव
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृश्चिक
नक्षत्रज्येष्ठा
पद4
देशांतर236°48'40"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रश्रवण
पद1
देशांतर280°24'20"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
वृश्चिक

Ambarnath — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:26 — 06:14
प्रातः सन्ध्या
06:14 — 07:50
सूर्योदय
07:02
अभिजित मुहूर्त
12:07 — 12:55
अमृत कालविशेष
11:09 — 12:31
विजय मुहूर्त
15:49 — 16:33
गोधूलि मुहूर्त
17:37 — 18:25
सूर्यास्त
18:01
सायाह्न सन्ध्या
18:04 — 19:13
निशिता मुहूर्त
00:07 — 00:55
राहु काल
16:39 — 18:01
यमगंड काल
11:09 — 12:31
गुलिक काल
15:16 — 16:39
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:09 — 11:50
द्वितीय दुर्मुहूर्त
17:20 — 18:01
चंद्रोदय
10:15
चंद्रास्त
21:40
मध्याह्न
12:31

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
मार्गशीर्ष
चन्द्र माह (अमान्त)
मार्गशीर्ष
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
श्रवण
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
विष्णु
सूर्य नक्षत्र
ज्येष्ठा
पद 4स्वामी: बुध

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 59 मिनट 29 सेकण्ड
27 घटी 29 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 00 मिनट 31 सेकण्ड
32 घटी 31 पल
मध्याह्न (सौर)
12:31
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 13 दिसंबर 2026, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:0208:24
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
08:2409:46
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:4611:09
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
11:0912:31
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
12:3113:54
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
13:5415:16
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
15:1616:39
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
16:3918:01
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

18:0119:39
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
19:3921:16
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
21:1622:54
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
22:5400:31
चर
यात्रा, वाहन चालन
00:3102:09
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
02:0903:46
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
03:4605:24
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
05:2407:02
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

Ambarnath पंचांग — दिसंबर 2026

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 13 दिसंबर 2026, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Ambarnath पंचांग — 13 दिसंबर 2026, रविवार

Ambarnath (महाराष्ट्र) के लिए 13 दिसंबर 2026, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Ambarnath के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Ambarnath में 13 दिसंबर 2026, रविवार को सूर्योदय कब है?

Ambarnath में 13 दिसंबर 2026, रविवार को सूर्योदय 07:02 बजे और सूर्यास्त 18:01 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Ambarnath में 13 दिसंबर 2026, रविवार को राहु काल कब है?

Ambarnath में 13 दिसंबर 2026, रविवार को राहु काल 16:39 से 18:01 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Ambarnath में 13 दिसंबर 2026, रविवार को तिथि क्या है?

Ambarnath में 13 दिसंबर 2026, रविवार को शुक्ल चतुर्थी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।