ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Bablāi, हरियाणा

Bablāi — पंचांग

15 मई 2027, शनिवार

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
14:18
चंद्रास्त
02:02
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मई 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
15 मई 2027, शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल दशमी
18:18 तक
अगली: शुक्ल एकादशी
प्रगति39%
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी (3 पाद)
12:00 तक
अगली: उत्तर फाल्गुनी
स्वामी: शुक्र
योग
व्याघात
06:32 तक
अगला: हर्षण
अशुभ
करण
तैतिल
06:57 तक
अगला: गर
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल दशमी· 18:18 तक
शुक्ल एकादशी
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी · पद 3· 12:00 तक
उत्तर फाल्गुनी
योग
व्याघात· 06:32 तक
हर्षण
करण
तैतिल· 06:57 तक
गर
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमेष
नक्षत्रकृत्तिका
पद1
देशांतर29°41'31"
चन्द्रमा
राशिसिंह
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी
पद3
देशांतर142°23'13"

राशि

चंद्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
मेष

Bablāi — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 — 04:41
प्रातः सन्ध्या
04:41 — 06:17
सूर्योदय
05:29
अभिजित मुहूर्त
11:55 — 12:43
अमृत कालविशेष
15:44 — 17:27
विजय मुहूर्त
16:25 — 17:20
गोधूलि मुहूर्त
18:45 — 19:33
सूर्यास्त
19:09
सायाह्न सन्ध्या
19:12 — 20:21
निशिता मुहूर्त
23:55 — 00:43
राहु काल
08:54 — 10:36
यमगंड काल
14:02 — 15:44
गुलिक काल
05:29 — 07:11
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:54 — 09:45
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:44 — 16:35
चंद्रोदय
14:18
चंद्रास्त
02:02
मध्याह्न
12:19
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
वैशाख
चन्द्र माह (अमान्त)
वैशाख
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
पूर्व फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
शुक्र
नक्षत्र देवता
भग
सूर्य नक्षत्र
कृत्तिका
पद 1स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 40 मिनट 29 सेकण्ड
34 घटी 11 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 19 मिनट 31 सेकण्ड
25 घटी 49 पल
मध्याह्न (सौर)
12:19
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 15 मई 2027, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:2907:11
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
07:1108:54
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:5410:36
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:3612:19
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:1914:02
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:0215:44
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:4417:27
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
17:2719:09
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

19:0920:27
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
20:2721:44
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:4423:02
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
23:0200:19
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:1901:36
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:3602:54
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
02:5404:11
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
04:1105:29
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

Bablāi पंचांग — मई 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 15 मई 2027, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Bablāi पंचांग — 15 मई 2027, शनिवार

Bablāi (हरियाणा) के लिए 15 मई 2027, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Bablāi के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Bablāi में 15 मई 2027, शनिवार को सूर्योदय कब है?

Bablāi में 15 मई 2027, शनिवार को सूर्योदय 05:29 बजे और सूर्यास्त 19:09 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Bablāi में 15 मई 2027, शनिवार को राहु काल कब है?

Bablāi में 15 मई 2027, शनिवार को राहु काल 08:54 से 10:36 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Bablāi में 15 मई 2027, शनिवार को तिथि क्या है?

Bablāi में 15 मई 2027, शनिवार को शुक्ल दशमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।