ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Bablāi, हरियाणा

Bablāi — पंचांग

15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
17:28
चंद्रास्त
06:00
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अक्टूबर 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन
पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
19:17 तक
अगली: कृष्ण प्रतिपदा
प्रगति47%
नक्षत्र
रेवती (2 पाद)
23:29 तक
अगली: अश्विनी
स्वामी: बुध
योग
व्याघात
15:33 तक
अगला: हर्षण
अशुभ
करण
विष्टि
07:07 तक
अगला: बव
अशुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा· 19:17 तक
कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र
रेवती · पद 2· 23:29 तक
अश्विनी
योग
व्याघात· 15:33 तक
हर्षण
करण
विष्टि· 07:07 तक
बव
वार
शुक्रवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रचित्रा
पद2
देशांतर177°12'36"
चन्द्रमा
राशिमीन
नक्षत्ररेवती
पद2
देशांतर350°51'21"

राशि

चंद्र राशि
मीन
सूर्य राशि
कन्या

Bablāi — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 — 05:36
प्रातः सन्ध्या
05:36 — 07:12
सूर्योदय
06:24
अभिजित मुहूर्त
11:44 — 12:32
अमृत कालविशेष
09:16 — 10:42
विजय मुहूर्त
15:34 — 16:20
गोधूलि मुहूर्त
17:28 — 18:16
सूर्यास्त
17:52
सायाह्न सन्ध्या
17:55 — 19:04
निशिता मुहूर्त
23:44 — 00:32
राहु काल
10:42 — 12:08
यमगंड काल
15:00 — 16:26
गुलिक काल
07:50 — 09:16
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:33 — 09:16
द्वितीय दुर्मुहूर्त
10:42 — 11:25
चंद्रोदय
17:28
चंद्रास्त
06:00
मध्याह्न
12:08
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आश्विन
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
रेवती
नक्षत्र स्वामी
बुध
नक्षत्र देवता
पूषा
सूर्य नक्षत्र
चित्रा
पद 2स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 27 मिनट 46 सेकण्ड
28 घटी 39 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 32 मिनट 14 सेकण्ड
31 घटी 21 पल
मध्याह्न (सौर)
12:08
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2407:50
चर
यात्रा, वाहन चालन
07:5009:16
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
09:1610:42
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:4212:08
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:0813:34
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:3415:00
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:0016:26
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
16:2617:52
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

17:5219:26
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
19:2621:00
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:0022:34
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:3400:08
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:0801:42
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
01:4203:16
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:1604:50
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:5006:24
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

Bablāi पंचांग — अक्टूबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Bablāi पंचांग — 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार

Bablāi (हरियाणा) के लिए 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Bablāi के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Bablāi में 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

Bablāi में 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को सूर्योदय 06:24 बजे और सूर्यास्त 17:52 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Bablāi में 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को राहु काल कब है?

Bablāi में 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को राहु काल 10:42 से 12:08 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Bablāi में 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को तिथि क्या है?

Bablāi में 15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को शुक्ल पूर्णिमा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।