ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
बागपत, उत्तर प्रदेश

बागपत — पंचांग

5 जनवरी 2027, मंगलवार

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
05:15
चंद्रास्त
15:22
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जनवरी 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
5 जनवरी 2027, मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
20:40 तक
अगली: कृष्ण चतुर्दशी
प्रगति49%
नक्षत्र
ज्येष्ठा (2 पाद)
00:00 तक
अगली: मूल
स्वामी: बुध
योग
गंड
12:42 तक
अगला: वृद्धि
अशुभ
करण
गर
07:27 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण त्रयोदशी· 20:40 तक
कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा · पद 2· 00:00 तक
मूल
योग
गंड· 12:42 तक
वृद्धि
करण
गर· 07:27 तक
वणिज
वार
मंगलवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
पद3
देशांतर260°14'32"
चन्द्रमा
राशिवृश्चिक
नक्षत्रज्येष्ठा
पद2
देशांतर230°09'24"

राशि

चंद्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
धनु

बागपत — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:39 — 06:27
प्रातः सन्ध्या
06:27 — 08:03
सूर्योदय
07:15
अभिजित मुहूर्त
12:02 — 12:50
अमृत कालविशेष
12:26 — 13:44
विजय मुहूर्त
15:33 — 16:14
गोधूलि मुहूर्त
17:13 — 18:01
सूर्यास्त
17:37
सायाह्न सन्ध्या
17:40 — 18:49
निशिता मुहूर्त
00:02 — 00:50
राहु काल
15:02 — 16:20
यमगंड काल
08:33 — 09:51
गुलिक काल
12:26 — 13:44
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:30 — 11:09
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:44 — 14:23
चंद्रोदय
05:15
चंद्रास्त
15:22
मध्याह्न
12:26
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
माघ
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
ज्येष्ठा
नक्षत्र स्वामी
बुध
नक्षत्र देवता
इंद्र
सूर्य नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
पद 3स्वामी: शुक्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 22 मिनट 01 सेकण्ड
25 घटी 55 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 37 मिनट 59 सेकण्ड
34 घटी 5 पल
मध्याह्न (सौर)
12:26
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 5 जनवरी 2027, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:1508:33
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
08:3309:51
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
09:5111:09
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:0912:26
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:2613:44
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
13:4415:02
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:0216:20
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
16:2017:37
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

17:3719:20
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
19:2021:02
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:0222:44
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
22:4400:26
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
00:2602:09
चर
यात्रा, वाहन चालन
02:0903:51
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
03:5105:33
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
05:3307:15
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

बागपत पंचांग — जनवरी 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 5 जनवरी 2027, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

बागपत पंचांग — 5 जनवरी 2027, मंगलवार

बागपत (उत्तर प्रदेश) के लिए 5 जनवरी 2027, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग बागपत के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बागपत में 5 जनवरी 2027, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

बागपत में 5 जनवरी 2027, मंगलवार को सूर्योदय 07:15 बजे और सूर्यास्त 17:37 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

बागपत में 5 जनवरी 2027, मंगलवार को राहु काल कब है?

बागपत में 5 जनवरी 2027, मंगलवार को राहु काल 15:02 से 16:20 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

बागपत में 5 जनवरी 2027, मंगलवार को तिथि क्या है?

बागपत में 5 जनवरी 2027, मंगलवार को कृष्ण त्रयोदशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।