ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
बेंगलुरु, कर्नाटक

बेंगलुरु — पंचांग

17 जुलाई 2027, शनिवार

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
18:00
चंद्रास्त
04:40
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जुलाई 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल चतुर्दशी
18:48 तक
अगली: शुक्ल पूर्णिमा
प्रगति51%
नक्षत्र
मूल (4 पाद)
08:21 तक
अगली: पूर्वाषाढ़ा
स्वामी: केतु
योग
ऐन्द्र
14:21 तक
अगला: वैधृति
शुभ
करण
वणिज
00:00 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल चतुर्दशी· 18:48 तक
शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र
मूल · पद 4· 08:21 तक
पूर्वाषाढ़ा
योग
ऐन्द्र· 14:21 तक
वैधृति
करण
वणिज· 00:00 तक
विष्टि
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकर्क
नक्षत्रपुनर्वसु
पद4
देशांतर90°00'58"
चन्द्रमा
राशिधनु
नक्षत्रमूल
पद4
देशांतर252°10'35"

राशि

चंद्र राशि
धनु
सूर्य राशि
कर्क

बेंगलुरु — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 — 05:14
प्रातः सन्ध्या
05:14 — 06:50
सूर्योदय
06:02
अभिजित मुहूर्त
12:02 — 12:50
अमृत कालविशेष
15:38 — 17:14
विजय मुहूर्त
16:16 — 17:07
गोधूलि मुहूर्त
18:26 — 19:14
सूर्यास्त
18:50
सायाह्न सन्ध्या
18:53 — 20:02
निशिता मुहूर्त
00:02 — 00:50
राहु काल
09:14 — 10:50
यमगंड काल
14:02 — 15:38
गुलिक काल
06:02 — 07:38
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:14 — 10:02
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:38 — 16:26
चंद्रोदय
18:00
चंद्रास्त
04:40
मध्याह्न
12:26

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
श्रावण
चन्द्र माह (अमान्त)
श्रावण
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
मूल
नक्षत्र स्वामी
केतु
नक्षत्र देवता
निऋति
सूर्य नक्षत्र
पुनर्वसु
पद 4स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 48 मिनट 23 सेकण्ड
32 घटी 1 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 11 मिनट 37 सेकण्ड
27 घटी 59 पल
मध्याह्न (सौर)
12:26
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 17 जुलाई 2027, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:0207:38
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
07:3809:14
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
09:1410:50
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:5012:26
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:2614:02
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:0215:38
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:3817:14
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
17:1418:50
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:5020:14
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
20:1421:38
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:3823:02
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
23:0200:26
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:2601:50
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:5003:14
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
03:1404:38
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
04:3806:02
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

बेंगलुरु पंचांग — जुलाई 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 17 जुलाई 2027, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

बेंगलुरु पंचांग — 17 जुलाई 2027, शनिवार

बेंगलुरु (कर्नाटक) के लिए 17 जुलाई 2027, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु में 17 जुलाई 2027, शनिवार को सूर्योदय कब है?

बेंगलुरु में 17 जुलाई 2027, शनिवार को सूर्योदय 06:02 बजे और सूर्यास्त 18:50 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

बेंगलुरु में 17 जुलाई 2027, शनिवार को राहु काल कब है?

बेंगलुरु में 17 जुलाई 2027, शनिवार को राहु काल 09:14 से 10:50 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

बेंगलुरु में 17 जुलाई 2027, शनिवार को तिथि क्या है?

बेंगलुरु में 17 जुलाई 2027, शनिवार को शुक्ल चतुर्दशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।