ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Barddhamān, पश्चिम बंगाल

Barddhamān — पंचांग

10 जनवरी 2027, रविवार

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
07:59
चंद्रास्त
19:20
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जनवरी 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
07:08 तक
अगली: शुक्ल तृतीया
प्रगति97%
नक्षत्र
श्रवण (3 पाद)
15:11 तक
अगली: धनिष्ठा
स्वामी: चंद्र
योग
वज्र
17:01 तक
अगला: सिद्धि
अशुभ
करण
कौलव
07:08 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वितीया· 07:08 तक
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
श्रवण · पद 3· 15:11 तक
धनिष्ठा
योग
वज्र· 17:01 तक
सिद्धि
करण
कौलव· 07:08 तक
तैतिल
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
पद4
देशांतर265°18'06"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रश्रवण
पद3
देशांतर288°56'56"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
धनु

Barddhamān — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 — 05:34
प्रातः सन्ध्या
05:34 — 07:10
सूर्योदय
06:22
अभिजित मुहूर्त
11:22 — 12:10
अमृत कालविशेष
10:25 — 11:46
विजय मुहूर्त
15:00 — 15:44
गोधूलि मुहूर्त
16:46 — 17:34
सूर्यास्त
17:10
सायाह्न सन्ध्या
17:13 — 18:22
निशिता मुहूर्त
23:22 — 00:10
राहु काल
15:49 — 17:10
यमगंड काल
10:25 — 11:46
गुलिक काल
14:28 — 15:49
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:25 — 11:05
द्वितीय दुर्मुहूर्त
16:30 — 17:10
चंद्रोदय
07:59
चंद्रास्त
19:20
मध्याह्न
11:46

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
श्रवण
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
विष्णु
सूर्य नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
पद 4स्वामी: शुक्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 48 मिनट 12 सेकण्ड
27 घटी 0 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 11 मिनट 48 सेकण्ड
32 घटी 60 पल
मध्याह्न (सौर)
11:46
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 10 जनवरी 2027, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2207:43
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
07:4309:04
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:0410:25
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:2511:46
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
11:4613:07
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
13:0714:28
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
14:2815:49
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:4917:10
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

17:1018:49
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
18:4920:28
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
20:2822:07
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
22:0723:46
चर
यात्रा, वाहन चालन
23:4601:25
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:2503:04
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
03:0404:43
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
04:4306:22
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

Barddhamān पंचांग — जनवरी 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 10 जनवरी 2027, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Barddhamān पंचांग — 10 जनवरी 2027, रविवार

Barddhamān (पश्चिम बंगाल) के लिए 10 जनवरी 2027, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Barddhamān के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Barddhamān में 10 जनवरी 2027, रविवार को सूर्योदय कब है?

Barddhamān में 10 जनवरी 2027, रविवार को सूर्योदय 06:22 बजे और सूर्यास्त 17:10 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Barddhamān में 10 जनवरी 2027, रविवार को राहु काल कब है?

Barddhamān में 10 जनवरी 2027, रविवार को राहु काल 15:49 से 17:10 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Barddhamān में 10 जनवरी 2027, रविवार को तिथि क्या है?

Barddhamān में 10 जनवरी 2027, रविवार को शुक्ल द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।