ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Barddhamān, पश्चिम बंगाल

Barddhamān — पंचांग

10 मार्च 2027, बुधवार

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
06:43
चंद्रास्त
19:34
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

मार्च 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
10 मार्च 2027, बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन
पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
15:53 तक
अगली: शुक्ल तृतीया
प्रगति58%
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद (4 पाद)
10:52 तक
अगली: रेवती
स्वामी: शनि
योग
शुक्ल
00:00 तक
अगला: ब्रह्म
शुभ
करण
कौलव
00:00 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वितीया· 15:53 तक
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद · पद 4· 10:52 तक
रेवती
योग
शुक्ल· 00:00 तक
ब्रह्म
करण
कौलव· 00:00 तक
तैतिल
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रपूर्वभाद्रपद
पद2
देशांतर324°58'04"
चन्द्रमा
राशिमीन
नक्षत्रउत्तरभाद्रपद
पद4
देशांतर343°58'13"

राशि

चंद्र राशि
मीन
सूर्य राशि
कुम्भ

Barddhamān — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 — 05:05
प्रातः सन्ध्या
05:05 — 06:41
सूर्योदय
05:53
अभिजित मुहूर्त
11:25 — 12:13
अमृत कालविशेष
07:22 — 08:51
विजय मुहूर्त
15:23 — 16:10
गोधूलि मुहूर्त
17:21 — 18:09
सूर्यास्त
17:45
सायाह्न सन्ध्या
17:48 — 18:57
निशिता मुहूर्त
23:25 — 00:13
राहु काल
11:49 — 13:18
यमगंड काल
05:53 — 07:22
गुलिक काल
10:20 — 11:49
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:20 — 11:05
चंद्रोदय
06:43
चंद्रास्त
19:34
मध्याह्न
11:49
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
उत्तरभाद्रपद
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
अहिर्बुध्न्य
सूर्य नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
पद 2स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 52 मिनट 45 सेकण्ड
29 घटी 42 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 07 मिनट 15 सेकण्ड
30 घटी 18 पल
मध्याह्न (सौर)
11:49
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 10 मार्च 2027, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:5307:22
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:2208:51
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:5110:20
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:2011:49
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
11:4913:18
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
13:1814:47
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
14:4716:16
चर
यात्रा, वाहन चालन
16:1617:45
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

17:4519:16
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
19:1620:47
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
20:4722:18
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
22:1823:49
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:4901:20
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:2002:51
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:5104:22
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:2205:53
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

Barddhamān पंचांग — मार्च 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 10 मार्च 2027, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Barddhamān पंचांग — 10 मार्च 2027, बुधवार

Barddhamān (पश्चिम बंगाल) के लिए 10 मार्च 2027, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Barddhamān के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Barddhamān में 10 मार्च 2027, बुधवार को सूर्योदय कब है?

Barddhamān में 10 मार्च 2027, बुधवार को सूर्योदय 05:53 बजे और सूर्यास्त 17:45 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Barddhamān में 10 मार्च 2027, बुधवार को राहु काल कब है?

Barddhamān में 10 मार्च 2027, बुधवार को राहु काल 11:49 से 13:18 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Barddhamān में 10 मार्च 2027, बुधवार को तिथि क्या है?

Barddhamān में 10 मार्च 2027, बुधवार को शुक्ल द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।