ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Bhādāsar, राजस्थान

Bhādāsar — पंचांग

30 जनवरी 2025, गुरुवार

सूर्योदय
07:21
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
08:03
चंद्रास्त
19:08
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जनवरी 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
30 जनवरी 2025, गुरुवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन
पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
16:11 तक
अगली: शुक्ल द्वितीया
प्रगति60%
नक्षत्र
धनिष्ठा (1 पाद)
00:00 तक
अगली: शतभिषा
स्वामी: मंगल
योग
व्यतीपात
18:32 तक
अगला: वरीयान
अशुभ
करण
बव
00:00 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल प्रतिपदा· 16:11 तक
शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र
धनिष्ठा · पद 1· 00:00 तक
शतभिषा
योग
व्यतीपात· 18:32 तक
वरीयान
करण
बव· 00:00 तक
बालव
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमकर
नक्षत्रश्रवण
पद2
देशांतर286°12'52"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रधनिष्ठा
पद1
देशांतर293°23'34"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
मकर

Bhādāsar — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:45 — 06:33
प्रातः सन्ध्या
06:33 — 08:09
सूर्योदय
07:21
अभिजित मुहूर्त
12:22 — 13:10
अमृत कालविशेष
14:07 — 15:29
विजय मुहूर्त
16:01 — 16:44
गोधूलि मुहूर्त
17:47 — 18:35
सूर्यास्त
18:11
सायाह्न सन्ध्या
18:14 — 19:23
निशिता मुहूर्त
00:22 — 01:10
राहु काल
14:07 — 15:29
यमगंड काल
16:50 — 18:11
गुलिक काल
10:04 — 11:25
प्रथम दुर्मुहूर्त
12:06 — 12:46
द्वितीय दुर्मुहूर्त
16:50 — 17:30
चंद्रोदय
08:03
चंद्रास्त
19:08
मध्याह्न
12:46
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
माघ
चन्द्र माह (अमान्त)
माघ
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
धनिष्ठा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
वसु
सूर्य नक्षत्र
श्रवण
पद 2स्वामी: चंद्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 49 मिनट 35 सेकण्ड
27 घटी 4 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 10 मिनट 25 सेकण्ड
32 घटी 56 पल
मध्याह्न (सौर)
12:46
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 30 जनवरी 2025, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:2108:43
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:4310:04
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:0411:25
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
11:2512:46
चर
यात्रा, वाहन चालन
12:4614:07
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
14:0715:29
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
15:2916:50
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
16:5018:11
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

18:1119:50
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
19:5021:29
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
21:2923:07
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:0700:46
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
00:4602:25
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:2504:04
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:0405:43
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
05:4307:21
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

Bhādāsar पंचांग — जनवरी 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 30 जनवरी 2025, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Bhādāsar पंचांग — 30 जनवरी 2025, गुरुवार

Bhādāsar (राजस्थान) के लिए 30 जनवरी 2025, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Bhādāsar के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Bhādāsar में 30 जनवरी 2025, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

Bhādāsar में 30 जनवरी 2025, गुरुवार को सूर्योदय 07:21 बजे और सूर्यास्त 18:11 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Bhādāsar में 30 जनवरी 2025, गुरुवार को राहु काल कब है?

Bhādāsar में 30 जनवरी 2025, गुरुवार को राहु काल 14:07 से 15:29 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Bhādāsar में 30 जनवरी 2025, गुरुवार को तिथि क्या है?

Bhādāsar में 30 जनवरी 2025, गुरुवार को शुक्ल प्रतिपदा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।