ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Bhādāsar, राजस्थान

Bhādāsar — पंचांग

4 फरवरी 2025, मंगलवार

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
10:55
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

फरवरी 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
4 फरवरी 2025, मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल सप्तमी
00:00 तक
अगली: शुक्ल अष्टमी
प्रगति12%
नक्षत्र
अश्विनी (2 पाद)
21:49 तक
अगली: भरणी
स्वामी: केतु
योग
शुभ
00:00 तक
अगला: शुक्ल
शुभ
करण
गर
00:00 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल सप्तमी· 00:00 तक
शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र
अश्विनी · पद 2· 21:49 तक
भरणी
योग
शुभ· 00:00 तक
शुक्ल
करण
गर· 00:00 तक
वणिज
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमकर
नक्षत्रश्रवण
पद4
देशांतर291°17'16"
चन्द्रमा
राशिमेष
नक्षत्रअश्विनी
पद2
देशांतर4°45'28"

राशि

चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
मकर

Bhādāsar — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:43 — 06:31
प्रातः सन्ध्या
06:31 — 08:07
सूर्योदय
07:19
अभिजित मुहूर्त
12:23 — 13:11
अमृत कालविशेष
12:47 — 14:09
विजय मुहूर्त
16:04 — 16:48
गोधूलि मुहूर्त
17:51 — 18:39
सूर्यास्त
18:15
सायाह्न सन्ध्या
18:18 — 19:27
निशिता मुहूर्त
00:23 — 01:11
राहु काल
15:31 — 16:53
यमगंड काल
08:41 — 10:03
गुलिक काल
12:47 — 14:09
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:44 — 11:25
द्वितीय दुर्मुहूर्त
14:09 — 14:50
चंद्रोदय
10:55
मध्याह्न
12:47
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
माघ
चन्द्र माह (अमान्त)
माघ
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
अश्विनी
नक्षत्र स्वामी
केतु
नक्षत्र देवता
अश्विनी कुमार
सूर्य नक्षत्र
श्रवण
पद 4स्वामी: चंद्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 56 मिनट 22 सेकण्ड
27 घटी 21 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 03 मिनट 38 सेकण्ड
32 घटी 39 पल
मध्याह्न (सौर)
12:47
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 4 फरवरी 2025, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:1908:41
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
08:4110:03
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:0311:25
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:2512:47
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:4714:09
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
14:0915:31
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:3116:53
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
16:5318:15
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:1519:53
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
19:5321:31
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:3123:09
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:0900:47
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
00:4702:25
चर
यात्रा, वाहन चालन
02:2504:03
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
04:0305:41
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
05:4107:19
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

Bhādāsar पंचांग — फरवरी 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728

अन्य शहरों का पंचांग — 4 फरवरी 2025, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Bhādāsar पंचांग — 4 फरवरी 2025, मंगलवार

Bhādāsar (राजस्थान) के लिए 4 फरवरी 2025, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Bhādāsar के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Bhādāsar में 4 फरवरी 2025, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

Bhādāsar में 4 फरवरी 2025, मंगलवार को सूर्योदय 07:19 बजे और सूर्यास्त 18:15 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Bhādāsar में 4 फरवरी 2025, मंगलवार को राहु काल कब है?

Bhādāsar में 4 फरवरी 2025, मंगलवार को राहु काल 15:31 से 16:53 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Bhādāsar में 4 फरवरी 2025, मंगलवार को तिथि क्या है?

Bhādāsar में 4 फरवरी 2025, मंगलवार को शुक्ल सप्तमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।