ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
भीमाशंकर, महाराष्ट्र

भीमाशंकर — पंचांग

16 फरवरी 2026, सोमवार

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
06:13
चंद्रास्त
17:39
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फरवरी 2026 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
16 फरवरी 2026, सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
17:34 तक
अगली: कृष्ण अमावस्या
प्रगति57%
नक्षत्र
श्रवण (2 पाद)
20:47 तक
अगली: धनिष्ठा
स्वामी: चंद्र
योग
वरीयान
00:00 तक
अगला: परिघ
शुभ
करण
शकुनि
00:00 तक
अगला: चतुष्पद
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी· 17:34 तक
कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र
श्रवण · पद 2· 20:47 तक
धनिष्ठा
योग
वरीयान· 00:00 तक
परिघ
करण
शकुनि· 00:00 तक
चतुष्पद
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रधनिष्ठा
पद3
देशांतर303°09'39"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रश्रवण
पद2
देशांतर285°58'09"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
कुम्भ

भीमाशंकर — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 — 06:16
प्रातः सन्ध्या
06:16 — 07:52
सूर्योदय
07:04
अभिजित मुहूर्त
12:26 — 13:14
अमृत कालविशेष
07:04 — 08:30
विजय मुहूर्त
16:18 — 17:04
गोधूलि मुहूर्त
18:12 — 19:00
सूर्यास्त
18:36
सायाह्न सन्ध्या
18:39 — 19:48
निशिता मुहूर्त
00:26 — 01:14
राहु काल
08:30 — 09:57
यमगंड काल
09:57 — 11:23
गुलिक काल
14:17 — 15:43
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:23 — 12:07
द्वितीय दुर्मुहूर्त
14:17 — 15:00
चंद्रोदय
06:13
चंद्रास्त
17:39
मध्याह्न
12:50
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2081

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
श्रवण
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
विष्णु
सूर्य नक्षत्र
धनिष्ठा
पद 3स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 32 मिनट 38 सेकण्ड
28 घटी 52 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 27 मिनट 22 सेकण्ड
31 घटी 8 पल
मध्याह्न (सौर)
12:50
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 16 फरवरी 2026, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:0408:30
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:3009:57
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:5711:23
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
11:2312:50
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:5014:17
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
14:1715:43
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:4317:10
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
17:1018:36
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:3620:10
चर
यात्रा, वाहन चालन
20:1021:43
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:4323:17
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
23:1700:50
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:5002:23
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
02:2303:57
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:5705:30
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
05:3007:04
चर
यात्रा, वाहन चालन

भीमाशंकर पंचांग — फरवरी 2026

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अन्य शहरों का पंचांग — 16 फरवरी 2026, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

भीमाशंकर पंचांग — 16 फरवरी 2026, सोमवार

भीमाशंकर (महाराष्ट्र) के लिए 16 फरवरी 2026, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग भीमाशंकर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भीमाशंकर में 16 फरवरी 2026, सोमवार को सूर्योदय कब है?

भीमाशंकर में 16 फरवरी 2026, सोमवार को सूर्योदय 07:04 बजे और सूर्यास्त 18:36 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

भीमाशंकर में 16 फरवरी 2026, सोमवार को राहु काल कब है?

भीमाशंकर में 16 फरवरी 2026, सोमवार को राहु काल 08:30 से 09:57 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

भीमाशंकर में 16 फरवरी 2026, सोमवार को तिथि क्या है?

भीमाशंकर में 16 फरवरी 2026, सोमवार को कृष्ण चतुर्दशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।