ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
भोकर, महाराष्ट्र

भोकर — पंचांग

19 मई 2025, सोमवार

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:49
चंद्रास्त
11:07
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

मई 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
19 मई 2025, सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण षष्ठी
06:12 तक
अगली: कृष्ण सप्तमी
प्रगति98%
नक्षत्र
श्रवण (2 पाद)
19:30 तक
अगली: धनिष्ठा
स्वामी: चंद्र
योग
शुक्ल
05:51 तक
अगला: ब्रह्म
शुभ
करण
वणिज
06:12 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण षष्ठी· 06:12 तक
कृष्ण सप्तमी
नक्षत्र
श्रवण · पद 2· 19:30 तक
धनिष्ठा
योग
शुक्ल· 05:51 तक
ब्रह्म
करण
वणिज· 06:12 तक
विष्टि
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृषभ
नक्षत्रकृत्तिका
पद3
देशांतर34°04'48"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रश्रवण
पद2
देशांतर285°50'16"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
वृषभ

भोकर — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 — 04:55
प्रातः सन्ध्या
04:55 — 06:31
सूर्योदय
05:43
अभिजित मुहूर्त
11:52 — 12:40
अमृत कालविशेष
05:43 — 07:21
विजय मुहूर्त
16:11 — 17:04
गोधूलि मुहूर्त
18:25 — 19:13
सूर्यास्त
18:49
सायाह्न सन्ध्या
18:52 — 20:01
निशिता मुहूर्त
23:52 — 00:40
राहु काल
07:21 — 09:00
यमगंड काल
09:00 — 10:38
गुलिक काल
13:54 — 15:32
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:38 — 11:27
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:54 — 14:43
चंद्रास्त
11:07
मध्याह्न
12:16
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आषाढ़
चन्द्र माह (अमान्त)
ज्येष्ठ
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
श्रवण
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
विष्णु
सूर्य नक्षत्र
कृत्तिका
पद 3स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 05 मिनट 20 सेकण्ड
32 घटी 43 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 54 मिनट 40 सेकण्ड
27 घटी 17 पल
मध्याह्न (सौर)
12:16
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 19 मई 2025, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:4307:21
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:2109:00
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:0010:38
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:3812:16
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:1613:54
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:5415:32
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:3217:10
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
17:1018:49
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:4920:10
चर
यात्रा, वाहन चालन
20:1021:32
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:3222:54
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:5400:16
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:1601:38
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:3803:00
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:0004:21
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:2105:43
चर
यात्रा, वाहन चालन

भोकर पंचांग — मई 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 19 मई 2025, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

भोकर पंचांग — 19 मई 2025, सोमवार

भोकर (महाराष्ट्र) के लिए 19 मई 2025, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग भोकर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोकर में 19 मई 2025, सोमवार को सूर्योदय कब है?

भोकर में 19 मई 2025, सोमवार को सूर्योदय 05:43 बजे और सूर्यास्त 18:49 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

भोकर में 19 मई 2025, सोमवार को राहु काल कब है?

भोकर में 19 मई 2025, सोमवार को राहु काल 07:21 से 09:00 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

भोकर में 19 मई 2025, सोमवार को तिथि क्या है?

भोकर में 19 मई 2025, सोमवार को कृष्ण षष्ठी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।