ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Bhonrāsa, मध्य प्रदेश

Bhonrāsa — पंचांग

23 सितंबर 2025, मंगलवार

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
07:19
चंद्रास्त
19:07
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

सितंबर 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
00:00 तक
अगली: शुक्ल तृतीया
प्रगति13%
नक्षत्र
हस्त (3 पाद)
13:40 तक
अगली: चित्रा
स्वामी: चंद्र
योग
ब्रह्म
20:22 तक
अगला: ऐन्द्र
शुभ
करण
बालव
00:00 तक
अगला: कौलव
शुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वितीया· 00:00 तक
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
हस्त · पद 3· 13:40 तक
चित्रा
योग
ब्रह्म· 20:22 तक
ऐन्द्र
करण
बालव· 00:00 तक
कौलव
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद3
देशांतर156°02'56"
चन्द्रमा
राशिकन्या
नक्षत्रहस्त
पद3
देशांतर169°34'57"

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
कन्या

Bhonrāsa — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 — 05:26
प्रातः सन्ध्या
05:26 — 07:02
सूर्योदय
06:14
अभिजित मुहूर्त
11:53 — 12:41
अमृत कालविशेष
12:17 — 13:48
विजय मुहूर्त
15:55 — 16:44
गोधूलि मुहूर्त
17:57 — 18:45
सूर्यास्त
18:21
सायाह्न सन्ध्या
18:24 — 19:33
निशिता मुहूर्त
23:53 — 00:41
राहु काल
15:19 — 16:50
यमगंड काल
07:45 — 09:16
गुलिक काल
12:17 — 13:48
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:01 — 10:47
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:48 — 14:34
चंद्रोदय
07:19
चंद्रास्त
19:07
मध्याह्न
12:17

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आश्विन
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
हस्त
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
सूर्य
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
पद 3स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 06 मिनट 21 सेकण्ड
30 घटी 16 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 53 मिनट 39 सेकण्ड
29 घटी 44 पल
मध्याह्न (सौर)
12:17
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 23 सितंबर 2025, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:1407:45
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
07:4509:16
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
09:1610:47
चर
यात्रा, वाहन चालन
10:4712:17
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:1713:48
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
13:4815:19
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:1916:50
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
16:5018:21
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:2119:50
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
19:5021:19
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:1922:48
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
22:4800:17
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
00:1701:47
चर
यात्रा, वाहन चालन
01:4703:16
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
03:1604:45
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
04:4506:14
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

Bhonrāsa पंचांग — सितंबर 2025

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 23 सितंबर 2025, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Bhonrāsa पंचांग — 23 सितंबर 2025, मंगलवार

Bhonrāsa (मध्य प्रदेश) के लिए 23 सितंबर 2025, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Bhonrāsa के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Bhonrāsa में 23 सितंबर 2025, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

Bhonrāsa में 23 सितंबर 2025, मंगलवार को सूर्योदय 06:14 बजे और सूर्यास्त 18:21 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Bhonrāsa में 23 सितंबर 2025, मंगलवार को राहु काल कब है?

Bhonrāsa में 23 सितंबर 2025, मंगलवार को राहु काल 15:19 से 16:50 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Bhonrāsa में 23 सितंबर 2025, मंगलवार को तिथि क्या है?

Bhonrāsa में 23 सितंबर 2025, मंगलवार को शुक्ल द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।