ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Bilthra, उत्तर प्रदेश

Bilthra — पंचांग

30 दिसंबर 2027, गुरुवार

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
08:24
चंद्रास्त
19:28
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

दिसंबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल तृतीया
00:00 तक
अगली: शुक्ल चतुर्थी
प्रगति4%
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा (4 पाद)
10:06 तक
अगली: श्रवण
स्वामी: सूर्य
योग
व्याघात
08:53 तक
अगला: हर्षण
अशुभ
करण
तैतिल
00:00 तक
अगला: गर
शुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल तृतीया· 00:00 तक
शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · पद 4· 10:06 तक
श्रवण
योग
व्याघात· 08:53 तक
हर्षण
करण
तैतिल· 00:00 तक
गर
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
पद1
देशांतर253°50'37"
चन्द्रमा
राशिमकर
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
पद4
देशांतर278°17'40"

राशि

चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
धनु

Bilthra — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 — 05:53
प्रातः सन्ध्या
05:53 — 07:29
सूर्योदय
06:41
अभिजित मुहूर्त
11:33 — 12:21
अमृत कालविशेष
13:16 — 14:35
विजय मुहूर्त
15:06 — 15:48
गोधूलि मुहूर्त
16:48 — 17:36
सूर्यास्त
17:12
सायाह्न सन्ध्या
17:15 — 18:24
निशिता मुहूर्त
23:33 — 00:21
राहु काल
13:16 — 14:35
यमगंड काल
15:54 — 17:12
गुलिक काल
09:19 — 10:38
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:17 — 11:57
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:54 — 16:33
चंद्रोदय
08:24
चंद्रास्त
19:28
मध्याह्न
11:57

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2083

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
उत्तराषाढ़ा
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
विश्वेदेव
सूर्य नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
पद 1स्वामी: शुक्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 31 मिनट 30 सेकण्ड
26 घटी 19 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 28 मिनट 30 सेकण्ड
33 घटी 41 पल
मध्याह्न (सौर)
11:57
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 30 दिसंबर 2027, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:4108:00
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:0009:19
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
09:1910:38
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:3811:57
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:5713:16
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
13:1614:35
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
14:3515:54
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:5417:12
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

17:1218:54
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
18:5420:35
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
20:3522:16
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
22:1623:57
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:5701:38
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
01:3803:19
चर
यात्रा, वाहन चालन
03:1905:00
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
05:0006:41
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

Bilthra पंचांग — दिसंबर 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 30 दिसंबर 2027, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Bilthra पंचांग — 30 दिसंबर 2027, गुरुवार

Bilthra (उत्तर प्रदेश) के लिए 30 दिसंबर 2027, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Bilthra के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Bilthra में 30 दिसंबर 2027, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

Bilthra में 30 दिसंबर 2027, गुरुवार को सूर्योदय 06:41 बजे और सूर्यास्त 17:12 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Bilthra में 30 दिसंबर 2027, गुरुवार को राहु काल कब है?

Bilthra में 30 दिसंबर 2027, गुरुवार को राहु काल 13:16 से 14:35 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Bilthra में 30 दिसंबर 2027, गुरुवार को तिथि क्या है?

Bilthra में 30 दिसंबर 2027, गुरुवार को शुक्ल तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।