ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Chānasma, गुजरात

Chānasma — पंचांग

26 दिसंबर 2026, शनिवार

सूर्योदय
07:22
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
20:44
चंद्रास्त
09:28
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

दिसंबर 2026 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
26 दिसंबर 2026, शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण तृतीया
20:05 तक
अगली: कृष्ण चतुर्थी
प्रगति39%
नक्षत्र
पुष्य (2 पाद)
20:13 तक
अगली: आश्लेषा
स्वामी: शनि
योग
वैधृति
00:00 तक
अगला: विष्कम्भ
अशुभ
करण
वणिज
09:43 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण तृतीया· 20:05 तक
कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र
पुष्य · पद 2· 20:13 तक
आश्लेषा
योग
वैधृति· 00:00 तक
विष्कम्भ
करण
वणिज· 09:43 तक
विष्टि
वार
शनिवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रमूल
पद4
देशांतर250°03'20"
चन्द्रमा
राशिकर्क
नक्षत्रपुष्य
पद2
देशांतर98°40'49"

राशि

चंद्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
धनु

Chānasma — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:46 — 06:34
प्रातः सन्ध्या
06:34 — 08:10
सूर्योदय
07:22
अभिजित मुहूर्त
12:18 — 13:06
अमृत कालविशेष
15:22 — 16:42
विजय मुहूर्त
15:54 — 16:37
गोधूलि मुहूर्त
17:38 — 18:26
सूर्यास्त
18:02
सायाह्न सन्ध्या
18:05 — 19:14
निशिता मुहूर्त
00:18 — 01:06
राहु काल
10:02 — 11:22
यमगंड काल
14:02 — 15:22
गुलिक काल
07:22 — 08:42
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:02 — 10:42
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:22 — 16:02
चंद्रोदय
20:44
चंद्रास्त
09:28
मध्याह्न
12:42
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
माघ
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
पुष्य
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
बृहस्पति
सूर्य नक्षत्र
मूल
पद 4स्वामी: केतु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 40 मिनट 49 सेकण्ड
26 घटी 42 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 19 मिनट 11 सेकण्ड
33 घटी 18 पल
मध्याह्न (सौर)
12:42
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 26 दिसंबर 2026, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:2208:42
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
08:4210:02
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:0211:22
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
11:2212:42
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:4214:02
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:0215:22
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:2216:42
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
16:4218:02
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:0219:42
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
19:4221:22
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:2223:02
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
23:0200:42
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:4202:22
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
02:2204:02
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:0205:42
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
05:4207:22
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

Chānasma पंचांग — दिसंबर 2026

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 26 दिसंबर 2026, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Chānasma पंचांग — 26 दिसंबर 2026, शनिवार

Chānasma (गुजरात) के लिए 26 दिसंबर 2026, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Chānasma के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Chānasma में 26 दिसंबर 2026, शनिवार को सूर्योदय कब है?

Chānasma में 26 दिसंबर 2026, शनिवार को सूर्योदय 07:22 बजे और सूर्यास्त 18:02 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Chānasma में 26 दिसंबर 2026, शनिवार को राहु काल कब है?

Chānasma में 26 दिसंबर 2026, शनिवार को राहु काल 10:02 से 11:22 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Chānasma में 26 दिसंबर 2026, शनिवार को तिथि क्या है?

Chānasma में 26 दिसंबर 2026, शनिवार को कृष्ण तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।