ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Chhala, गुजरात

Chhala — पंचांग

11 मई 2025, रविवार

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
19:11
चंद्रोदय
18:11
चंद्रास्त
04:50
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

मई 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
11 मई 2025, रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल चतुर्दशी
20:02 तक
अगली: शुक्ल पूर्णिमा
प्रगति47%
नक्षत्र
स्वाति (1 पाद)
00:00 तक
अगली: विशाखा
स्वामी: राहु
योग
व्यतीपात
00:00 तक
अगला: वरीयान
अशुभ
करण
गर
06:47 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल चतुर्दशी· 20:02 तक
शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र
स्वाति · पद 1· 00:00 तक
विशाखा
योग
व्यतीपात· 00:00 तक
वरीयान
करण
गर· 06:47 तक
वणिज
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमेष
नक्षत्रभरणी
पद4
देशांतर26°22'34"
चन्द्रमा
राशितुला
नक्षत्रस्वाति
पद1
देशांतर188°00'52"

राशि

चंद्र राशि
तुला
सूर्य राशि
मेष

Chhala — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 — 05:11
प्रातः सन्ध्या
05:11 — 06:47
सूर्योदय
05:59
अभिजित मुहूर्त
12:11 — 12:59
अमृत कालविशेष
10:56 — 12:35
विजय मुहूर्त
16:33 — 17:26
गोधूलि मुहूर्त
18:47 — 19:35
सूर्यास्त
19:11
सायाह्न सन्ध्या
19:14 — 20:23
निशिता मुहूर्त
00:11 — 00:59
राहु काल
17:32 — 19:11
यमगंड काल
10:56 — 12:35
गुलिक काल
15:53 — 17:32
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:56 — 11:46
द्वितीय दुर्मुहूर्त
18:22 — 19:11
चंद्रोदय
18:11
चंद्रास्त
04:50
मध्याह्न
12:35
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
वैशाख
चन्द्र माह (अमान्त)
वैशाख
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
स्वाति
नक्षत्र स्वामी
राहु
नक्षत्र देवता
वायु
सूर्य नक्षत्र
भरणी
पद 4स्वामी: शुक्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 11 मिनट 55 सेकण्ड
32 घटी 60 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 48 मिनट 05 सेकण्ड
27 घटी 0 पल
मध्याह्न (सौर)
12:35
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 11 मई 2025, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:5907:38
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
07:3809:17
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:1710:56
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:5612:35
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
12:3514:14
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
14:1415:53
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
15:5317:32
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
17:3219:11
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

19:1120:32
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
20:3221:53
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
21:5323:14
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
23:1400:35
चर
यात्रा, वाहन चालन
00:3501:56
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:5603:17
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
03:1704:38
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
04:3805:59
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

Chhala पंचांग — मई 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 11 मई 2025, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Chhala पंचांग — 11 मई 2025, रविवार

Chhala (गुजरात) के लिए 11 मई 2025, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Chhala के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Chhala में 11 मई 2025, रविवार को सूर्योदय कब है?

Chhala में 11 मई 2025, रविवार को सूर्योदय 05:59 बजे और सूर्यास्त 19:11 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Chhala में 11 मई 2025, रविवार को राहु काल कब है?

Chhala में 11 मई 2025, रविवार को राहु काल 17:32 से 19:11 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Chhala में 11 मई 2025, रविवार को तिथि क्या है?

Chhala में 11 मई 2025, रविवार को शुक्ल चतुर्दशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।