ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चिच्ली, मध्य प्रदेश

चिच्ली — पंचांग

22 नवंबर 2027, सोमवार

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
00:43
चंद्रास्त
13:19
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नवंबर 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
22 नवंबर 2027, सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण नवमी
15:29 तक
अगली: कृष्ण दशमी
प्रगति60%
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी (2 पाद)
20:43 तक
अगली: उत्तर फाल्गुनी
स्वामी: शुक्र
योग
वैधृति
16:42 तक
अगला: विष्कम्भ
अशुभ
करण
गर
00:00 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण नवमी· 15:29 तक
कृष्ण दशमी
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी · पद 2· 20:43 तक
उत्तर फाल्गुनी
योग
वैधृति· 16:42 तक
विष्कम्भ
करण
गर· 00:00 तक
वणिज
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृश्चिक
नक्षत्रअनुराधा
पद1
देशांतर215°14'32"
चन्द्रमा
राशिसिंह
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी
पद2
देशांतर138°24'11"

राशि

चंद्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
वृश्चिक

चिच्ली — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 — 05:44
प्रातः सन्ध्या
05:44 — 07:20
सूर्योदय
06:32
अभिजित मुहूर्त
11:37 — 12:25
अमृत कालविशेष
06:32 — 07:54
विजय मुहूर्त
15:18 — 16:01
गोधूलि मुहूर्त
17:05 — 17:53
सूर्यास्त
17:29
सायाह्न सन्ध्या
17:32 — 18:41
निशिता मुहूर्त
23:37 — 00:25
राहु काल
07:54 — 09:16
यमगंड काल
09:16 — 10:38
गुलिक काल
13:23 — 14:45
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:38 — 11:19
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:23 — 14:04
चंद्रोदय
00:43
चंद्रास्त
13:19
मध्याह्न
12:01
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2083

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
पूर्व फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
शुक्र
नक्षत्र देवता
भग
सूर्य नक्षत्र
अनुराधा
पद 1स्वामी: शनि

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 57 मिनट 03 सेकण्ड
27 घटी 23 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 02 मिनट 57 सेकण्ड
32 घटी 37 पल
मध्याह्न (सौर)
12:01
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 22 नवंबर 2027, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:3207:54
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:5409:16
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:1610:38
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:3812:01
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:0113:23
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:2314:45
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:4516:07
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:0717:29
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

17:2919:07
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:0720:45
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
20:4522:23
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:2300:01
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:0101:38
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:3803:16
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:1604:54
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:5406:32
चर
यात्रा, वाहन चालन

चिच्ली पंचांग — नवंबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 22 नवंबर 2027, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

चिच्ली पंचांग — 22 नवंबर 2027, सोमवार

चिच्ली (मध्य प्रदेश) के लिए 22 नवंबर 2027, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग चिच्ली के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिच्ली में 22 नवंबर 2027, सोमवार को सूर्योदय कब है?

चिच्ली में 22 नवंबर 2027, सोमवार को सूर्योदय 06:32 बजे और सूर्यास्त 17:29 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

चिच्ली में 22 नवंबर 2027, सोमवार को राहु काल कब है?

चिच्ली में 22 नवंबर 2027, सोमवार को राहु काल 07:54 से 09:16 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

चिच्ली में 22 नवंबर 2027, सोमवार को तिथि क्या है?

चिच्ली में 22 नवंबर 2027, सोमवार को कृष्ण नवमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।