ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Chinchani, महाराष्ट्र

Chinchani — पंचांग

21 मार्च 2025, शुक्रवार

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
00:03
चंद्रास्त
10:58
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

मार्च 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण सप्तमी
00:00 तक
अगली: कृष्ण अष्टमी
प्रगति15%
नक्षत्र
ज्येष्ठा (2 पाद)
01:45 तक
अगली: मूल
स्वामी: बुध
योग
सिद्धि
18:41 तक
अगला: व्यतीपात
शुभ
करण
विष्टि
00:00 तक
अगला: बव
अशुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण सप्तमी· 00:00 तक
कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा · पद 2· 01:45 तक
मूल
योग
सिद्धि· 18:41 तक
व्यतीपात
करण
विष्टि· 00:00 तक
बव
वार
शुक्रवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमीन
नक्षत्रउत्तरभाद्रपद
पद1
देशांतर336°27'51"
चन्द्रमा
राशिवृश्चिक
नक्षत्रज्येष्ठा
पद2
देशांतर230°17'22"

राशि

चंद्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
मीन

Chinchani — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 — 05:55
प्रातः सन्ध्या
05:55 — 07:31
सूर्योदय
06:43
अभिजित मुहूर्त
12:22 — 13:10
अमृत कालविशेष
09:44 — 11:15
विजय मुहूर्त
16:25 — 17:13
गोधूलि मुहूर्त
18:26 — 19:14
सूर्यास्त
18:50
सायाह्न सन्ध्या
18:53 — 20:02
निशिता मुहूर्त
00:22 — 01:10
राहु काल
11:15 — 12:46
यमगंड काल
15:48 — 17:19
गुलिक काल
08:13 — 09:44
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:59 — 09:44
द्वितीय दुर्मुहूर्त
11:15 — 12:01
चंद्रोदय
00:03
चंद्रास्त
10:58
मध्याह्न
12:46

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
वैशाख
चन्द्र माह (अमान्त)
चैत्र
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
ज्येष्ठा
नक्षत्र स्वामी
बुध
नक्षत्र देवता
इंद्र
सूर्य नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद
पद 1स्वामी: शनि

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 07 मिनट 59 सेकण्ड
30 घटी 20 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 52 मिनट 01 सेकण्ड
29 घटी 40 पल
मध्याह्न (सौर)
12:46
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 21 मार्च 2025, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:4308:13
चर
यात्रा, वाहन चालन
08:1309:44
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
09:4411:15
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
11:1512:46
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:4614:17
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
14:1715:48
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:4817:19
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
17:1918:50
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

18:5020:19
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
20:1921:48
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:4823:17
चर
यात्रा, वाहन चालन
23:1700:46
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:4602:15
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
02:1503:44
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:4405:13
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
05:1306:43
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

Chinchani पंचांग — मार्च 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 21 मार्च 2025, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Chinchani पंचांग — 21 मार्च 2025, शुक्रवार

Chinchani (महाराष्ट्र) के लिए 21 मार्च 2025, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Chinchani के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Chinchani में 21 मार्च 2025, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

Chinchani में 21 मार्च 2025, शुक्रवार को सूर्योदय 06:43 बजे और सूर्यास्त 18:50 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Chinchani में 21 मार्च 2025, शुक्रवार को राहु काल कब है?

Chinchani में 21 मार्च 2025, शुक्रवार को राहु काल 11:15 से 12:46 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Chinchani में 21 मार्च 2025, शुक्रवार को तिथि क्या है?

Chinchani में 21 मार्च 2025, शुक्रवार को कृष्ण सप्तमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।