ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Chintamani, कर्नाटक

Chintamani — पंचांग

16 जनवरी 2027, शनिवार

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
12:09
चंद्रास्त
00:14
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जनवरी 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल अष्टमी
13:44 तक
अगली: शुक्ल नवमी
प्रगति70%
नक्षत्र
अश्विनी (2 पाद)
23:38 तक
अगली: भरणी
स्वामी: केतु
योग
सिद्ध
14:37 तक
अगला: साध्य
शुभ
करण
बव
00:00 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल अष्टमी· 13:44 तक
शुक्ल नवमी
नक्षत्र
अश्विनी · पद 2· 23:38 तक
भरणी
योग
सिद्ध· 14:37 तक
साध्य
करण
बव· 00:00 तक
बालव
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमकर
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
पद2
देशांतर271°25'53"
चन्द्रमा
राशिमेष
नक्षत्रअश्विनी
पद2
देशांतर3°49'10"

राशि

चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
मकर

Chintamani — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 — 05:57
प्रातः सन्ध्या
05:57 — 07:33
सूर्योदय
06:45
अभिजित मुहूर्त
12:03 — 12:51
अमृत कालविशेष
15:19 — 16:45
विजय मुहूर्त
15:53 — 16:39
गोधूलि मुहूर्त
17:46 — 18:34
सूर्यास्त
18:10
सायाह्न सन्ध्या
18:13 — 19:22
निशिता मुहूर्त
00:03 — 00:51
राहु काल
09:36 — 11:02
यमगंड काल
13:53 — 15:19
गुलिक काल
06:45 — 08:10
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:36 — 10:19
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:19 — 16:02
चंद्रोदय
12:09
चंद्रास्त
00:14
मध्याह्न
12:27

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
माघ
चन्द्र माह (अमान्त)
माघ
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
अश्विनी
नक्षत्र स्वामी
केतु
नक्षत्र देवता
अश्विनी कुमार
सूर्य नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
पद 2स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 25 मिनट 39 सेकण्ड
28 घटी 34 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 34 मिनट 21 सेकण्ड
31 घटी 26 पल
मध्याह्न (सौर)
12:27
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 16 जनवरी 2027, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:4508:10
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
08:1009:36
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
09:3611:02
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
11:0212:27
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:2713:53
चर
यात्रा, वाहन चालन
13:5315:19
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:1916:45
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
16:4518:10
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:1019:45
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
19:4521:19
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:1922:53
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
22:5300:27
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:2702:02
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
02:0203:36
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
03:3605:10
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
05:1006:45
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

Chintamani पंचांग — जनवरी 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 16 जनवरी 2027, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Chintamani पंचांग — 16 जनवरी 2027, शनिवार

Chintamani (कर्नाटक) के लिए 16 जनवरी 2027, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Chintamani के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Chintamani में 16 जनवरी 2027, शनिवार को सूर्योदय कब है?

Chintamani में 16 जनवरी 2027, शनिवार को सूर्योदय 06:45 बजे और सूर्यास्त 18:10 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Chintamani में 16 जनवरी 2027, शनिवार को राहु काल कब है?

Chintamani में 16 जनवरी 2027, शनिवार को राहु काल 09:36 से 11:02 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Chintamani में 16 जनवरी 2027, शनिवार को तिथि क्या है?

Chintamani में 16 जनवरी 2027, शनिवार को शुक्ल अष्टमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।