ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Chitarpur, झारखंड

Chitarpur — पंचांग

16 दिसंबर 2027, गुरुवार

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
17:04
चंद्रोदय
19:59
चंद्रास्त
08:45
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

दिसंबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण तृतीया
13:22 तक
अगली: कृष्ण चतुर्थी
प्रगति67%
नक्षत्र
पुनर्वसु (4 पाद)
09:12 तक
अगली: पुष्य
स्वामी: बृहस्पति
योग
ब्रह्म
09:41 तक
अगला: ऐन्द्र
शुभ
करण
विष्टि
13:22 तक
अगला: बव
अशुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण तृतीया· 13:22 तक
कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र
पुनर्वसु · पद 4· 09:12 तक
पुष्य
योग
ब्रह्म· 09:41 तक
ऐन्द्र
करण
विष्टि· 13:22 तक
बव
वार
गुरुवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृश्चिक
नक्षत्रज्येष्ठा
पद4
देशांतर239°34'17"
चन्द्रमा
राशिकर्क
नक्षत्रपुनर्वसु
पद4
देशांतर91°35'25"

राशि

चंद्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
वृश्चिक

Chitarpur — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 — 05:34
प्रातः सन्ध्या
05:34 — 07:10
सूर्योदय
06:22
अभिजित मुहूर्त
11:21 — 12:04
अमृत कालविशेष
13:03 — 14:23
विजय मुहूर्त
14:55 — 15:38
गोधूलि मुहूर्त
16:40 — 17:28
सूर्यास्त
17:04
सायाह्न सन्ध्या
17:07 — 18:16
निशिता मुहूर्त
23:19 — 00:07
राहु काल
13:03 — 14:23
यमगंड काल
06:22 — 07:42
गुलिक काल
09:02 — 10:23
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:03 — 11:43
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:43 — 16:23
चंद्रोदय
19:59
चंद्रास्त
08:45
मध्याह्न
11:43

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2083

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
पुनर्वसु
नक्षत्र स्वामी
बृहस्पति
नक्षत्र देवता
अदिति
सूर्य नक्षत्र
ज्येष्ठा
पद 4स्वामी: बुध

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 41 मिनट 38 सेकण्ड
26 घटी 44 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 18 मिनट 22 सेकण्ड
33 घटी 16 पल
मध्याह्न (सौर)
11:43
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 16 दिसंबर 2027, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2207:42
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
07:4209:02
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
09:0210:23
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:2311:43
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:4313:03
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
13:0314:23
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
14:2315:43
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:4317:04
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

17:0418:43
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
18:4320:23
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
20:2322:03
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
22:0323:43
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:4301:23
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
01:2303:02
चर
यात्रा, वाहन चालन
03:0204:42
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
04:4206:22
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

Chitarpur पंचांग — दिसंबर 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 16 दिसंबर 2027, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Chitarpur पंचांग — 16 दिसंबर 2027, गुरुवार

Chitarpur (झारखंड) के लिए 16 दिसंबर 2027, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Chitarpur के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Chitarpur में 16 दिसंबर 2027, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

Chitarpur में 16 दिसंबर 2027, गुरुवार को सूर्योदय 06:22 बजे और सूर्यास्त 17:04 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Chitarpur में 16 दिसंबर 2027, गुरुवार को राहु काल कब है?

Chitarpur में 16 दिसंबर 2027, गुरुवार को राहु काल 13:03 से 14:23 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Chitarpur में 16 दिसंबर 2027, गुरुवार को तिथि क्या है?

Chitarpur में 16 दिसंबर 2027, गुरुवार को कृष्ण तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।