ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवीपाटन, उत्तर प्रदेश

देवीपाटन — पंचांग

10 अप्रैल 2027, शनिवार

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
07:39
चंद्रास्त
22:07
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

अप्रैल 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल चतुर्थी
00:00 तक
अगली: शुक्ल पंचमी
प्रगति19%
नक्षत्र
कृत्तिका (3 पाद)
16:07 तक
अगली: रोहिणी
स्वामी: सूर्य
योग
आयुष्मान
00:00 तक
अगला: सौभाग्य
शुभ
करण
वणिज
00:00 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल चतुर्थी· 00:00 तक
शुक्ल पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका · पद 3· 16:07 तक
रोहिणी
योग
आयुष्मान· 00:00 तक
सौभाग्य
करण
वणिज· 00:00 तक
विष्टि
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमीन
नक्षत्ररेवती
पद3
देशांतर355°41'01"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्रकृत्तिका
पद3
देशांतर33°56'26"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
मीन

देवीपाटन — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 — 04:56
प्रातः सन्ध्या
04:56 — 06:32
सूर्योदय
05:44
अभिजित मुहूर्त
11:40 — 12:28
अमृत कालविशेष
15:14 — 16:49
विजय मुहूर्त
15:52 — 16:43
गोधूलि मुहूर्त
18:00 — 18:48
सूर्यास्त
18:24
सायाह्न सन्ध्या
18:27 — 19:36
निशिता मुहूर्त
23:40 — 00:28
राहु काल
08:54 — 10:29
यमगंड काल
13:39 — 15:14
गुलिक काल
05:44 — 07:19
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:54 — 09:41
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:14 — 16:02
चंद्रोदय
07:39
चंद्रास्त
22:07
मध्याह्न
12:04

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
चैत्र
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
कृत्तिका
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अग्नि
सूर्य नक्षत्र
रेवती
पद 3स्वामी: बुध

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 40 मिनट 29 सेकण्ड
31 घटी 41 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 19 मिनट 31 सेकण्ड
28 घटी 19 पल
मध्याह्न (सौर)
12:04
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 10 अप्रैल 2027, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:4407:19
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
07:1908:54
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:5410:29
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:2912:04
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:0413:39
चर
यात्रा, वाहन चालन
13:3915:14
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:1416:49
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
16:4918:24
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:2419:49
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
19:4921:14
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:1422:39
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
22:3900:04
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:0401:29
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:2902:54
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
02:5404:19
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
04:1905:44
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

देवीपाटन पंचांग — अप्रैल 2027

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 10 अप्रैल 2027, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवीपाटन पंचांग — 10 अप्रैल 2027, शनिवार

देवीपाटन (उत्तर प्रदेश) के लिए 10 अप्रैल 2027, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवीपाटन के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवीपाटन में 10 अप्रैल 2027, शनिवार को सूर्योदय कब है?

देवीपाटन में 10 अप्रैल 2027, शनिवार को सूर्योदय 05:44 बजे और सूर्यास्त 18:24 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवीपाटन में 10 अप्रैल 2027, शनिवार को राहु काल कब है?

देवीपाटन में 10 अप्रैल 2027, शनिवार को राहु काल 08:54 से 10:29 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवीपाटन में 10 अप्रैल 2027, शनिवार को तिथि क्या है?

देवीपाटन में 10 अप्रैल 2027, शनिवार को शुक्ल चतुर्थी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।