ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवीपाटन, उत्तर प्रदेश

देवीपाटन — पंचांग

21 जून 2027, सोमवार

सूर्योदय
05:08
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
20:56
चंद्रास्त
06:49
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जून 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण द्वितीया
10:36 तक
अगली: कृष्ण तृतीया
प्रगति76%
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा (4 पाद)
05:03 तक
अगली: उत्तराषाढ़ा
स्वामी: शुक्र
योग
ब्रह्म
07:50 तक
अगला: ऐन्द्र
शुभ
करण
गर
10:36 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण द्वितीया· 10:36 तक
कृष्ण तृतीया
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · पद 4· 05:03 तक
उत्तराषाढ़ा
योग
ब्रह्म· 07:50 तक
ऐन्द्र
करण
गर· 10:36 तक
वणिज
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमिथुन
नक्षत्रमृगशिरा
पद4
देशांतर65°08'44"
चन्द्रमा
राशिधनु
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
पद4
देशांतर266°12'43"

राशि

चंद्र राशि
धनु
सूर्य राशि
मिथुन

देवीपाटन — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:32 — 04:20
प्रातः सन्ध्या
04:20 — 05:56
सूर्योदय
05:08
अभिजित मुहूर्त
11:40 — 12:28
अमृत कालविशेष
05:08 — 06:52
विजय मुहूर्त
16:14 — 17:09
गोधूलि मुहूर्त
18:36 — 19:24
सूर्यास्त
19:00
सायाह्न सन्ध्या
19:03 — 20:12
निशिता मुहूर्त
23:40 — 00:28
राहु काल
06:52 — 08:36
यमगंड काल
08:36 — 10:20
गुलिक काल
13:48 — 15:32
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:20 — 11:12
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:48 — 14:40
चंद्रोदय
20:56
चंद्रास्त
06:49
मध्याह्न
12:04

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
श्रावण
चन्द्र माह (अमान्त)
आषाढ़
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
पूर्वाषाढ़ा
नक्षत्र स्वामी
शुक्र
नक्षत्र देवता
जल
सूर्य नक्षत्र
मृगशिरा
पद 4स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 52 मिनट 43 सेकण्ड
34 घटी 42 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 07 मिनट 17 सेकण्ड
25 घटी 18 पल
मध्याह्न (सौर)
12:04
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 21 जून 2027, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:0806:52
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
06:5208:36
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
08:3610:20
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:2012:04
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:0413:48
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:4815:32
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:3217:16
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
17:1619:00
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

19:0020:16
चर
यात्रा, वाहन चालन
20:1621:32
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:3222:48
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:4800:04
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:0401:20
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:2002:36
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
02:3603:52
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
03:5205:08
चर
यात्रा, वाहन चालन

देवीपाटन पंचांग — जून 2027

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 21 जून 2027, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवीपाटन पंचांग — 21 जून 2027, सोमवार

देवीपाटन (उत्तर प्रदेश) के लिए 21 जून 2027, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवीपाटन के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवीपाटन में 21 जून 2027, सोमवार को सूर्योदय कब है?

देवीपाटन में 21 जून 2027, सोमवार को सूर्योदय 05:08 बजे और सूर्यास्त 19:00 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवीपाटन में 21 जून 2027, सोमवार को राहु काल कब है?

देवीपाटन में 21 जून 2027, सोमवार को राहु काल 06:52 से 08:36 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवीपाटन में 21 जून 2027, सोमवार को तिथि क्या है?

देवीपाटन में 21 जून 2027, सोमवार को कृष्ण द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।