ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवप्रयाग, उत्तराखंड

देवप्रयाग — पंचांग

14 मई 2025, बुधवार

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
19:02
चंद्रोदय
20:51
चंद्रास्त
06:01
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

मई 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण द्वितीया
00:00 तक
अगली: कृष्ण तृतीया
प्रगति15%
नक्षत्र
अनुराधा (3 पाद)
11:46 तक
अगली: ज्येष्ठा
स्वामी: शनि
योग
परिघ
06:33 तक
अगला: शिव
अशुभ
करण
तैतिल
00:00 तक
अगला: गर
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण द्वितीया· 00:00 तक
कृष्ण तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा · पद 3· 11:46 तक
ज्येष्ठा
योग
परिघ· 06:33 तक
शिव
करण
तैतिल· 00:00 तक
गर
वार
बुधवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमेष
नक्षत्रकृत्तिका
पद1
देशांतर29°12'27"
चन्द्रमा
राशिवृश्चिक
नक्षत्रअनुराधा
पद3
देशांतर222°57'05"

राशि

चंद्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
मेष

देवप्रयाग — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 — 04:35
प्रातः सन्ध्या
04:35 — 06:11
सूर्योदय
05:23
अभिजित मुहूर्त
11:48 — 12:36
अमृत कालविशेष
07:05 — 08:47
विजय मुहूर्त
16:18 — 17:12
गोधूलि मुहूर्त
18:38 — 19:26
सूर्यास्त
19:02
सायाह्न सन्ध्या
19:05 — 20:14
निशिता मुहूर्त
23:48 — 00:36
राहु काल
12:12 — 13:54
यमगंड काल
05:23 — 07:05
गुलिक काल
10:30 — 12:12
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:30 — 11:21
चंद्रोदय
20:51
चंद्रास्त
06:01
मध्याह्न
12:12

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
ज्येष्ठ
चन्द्र माह (अमान्त)
वैशाख
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
अनुराधा
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
मित्र
सूर्य नक्षत्र
कृत्तिका
पद 1स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 38 मिनट 60 सेकण्ड
34 घटी 7 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 21 मिनट 00 सेकण्ड
25 घटी 53 पल
मध्याह्न (सौर)
12:12
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 14 मई 2025, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:2307:05
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:0508:47
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:4710:30
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:3012:12
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
12:1213:54
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
13:5415:37
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
15:3717:19
चर
यात्रा, वाहन चालन
17:1919:02
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

19:0220:19
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
20:1921:37
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
21:3722:54
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
22:5400:12
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
00:1201:30
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:3002:47
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:4704:05
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:0505:23
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

देवप्रयाग पंचांग — मई 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 14 मई 2025, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवप्रयाग पंचांग — 14 मई 2025, बुधवार

देवप्रयाग (उत्तराखंड) के लिए 14 मई 2025, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवप्रयाग के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवप्रयाग में 14 मई 2025, बुधवार को सूर्योदय कब है?

देवप्रयाग में 14 मई 2025, बुधवार को सूर्योदय 05:23 बजे और सूर्यास्त 19:02 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवप्रयाग में 14 मई 2025, बुधवार को राहु काल कब है?

देवप्रयाग में 14 मई 2025, बुधवार को राहु काल 12:12 से 13:54 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवप्रयाग में 14 मई 2025, बुधवार को तिथि क्या है?

देवप्रयाग में 14 मई 2025, बुधवार को कृष्ण द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।