ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवप्रयाग, उत्तराखंड

देवप्रयाग — पंचांग

25 अगस्त 2025, सोमवार

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
18:46
चंद्रोदय
07:33
चंद्रास्त
19:55
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अगस्त 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
25 अगस्त 2025, सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वितीया
12:35 तक
अगली: शुक्ल तृतीया
प्रगति73%
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी (1 पाद)
00:00 तक
अगली: हस्त
स्वामी: सूर्य
योग
सिद्ध
12:05 तक
अगला: साध्य
शुभ
करण
कौलव
00:00 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वितीया· 12:35 तक
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी · पद 1· 00:00 तक
हस्त
योग
सिद्ध· 12:05 तक
साध्य
करण
कौलव· 00:00 तक
तैतिल
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिसिंह
नक्षत्रमघा
पद3
देशांतर127°52'04"
चन्द्रमा
राशिसिंह
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद1
देशांतर148°36'26"

राशि

चंद्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
सिंह

देवप्रयाग — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 — 05:01
प्रातः सन्ध्या
05:01 — 06:37
सूर्योदय
05:49
अभिजित मुहूर्त
11:53 — 12:41
अमृत कालविशेष
05:49 — 07:26
विजय मुहूर्त
16:11 — 17:03
गोधूलि मुहूर्त
18:22 — 19:10
सूर्यास्त
18:46
सायाह्न सन्ध्या
18:49 — 19:58
निशिता मुहूर्त
23:53 — 00:41
राहु काल
07:26 — 09:03
यमगंड काल
09:03 — 10:40
गुलिक काल
13:55 — 15:32
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:40 — 11:29
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:55 — 14:43
चंद्रोदय
07:33
चंद्रास्त
19:55
मध्याह्न
12:17
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
भाद्रपद
चन्द्र माह (अमान्त)
भाद्रपद
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
उत्तर फाल्गुनी
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अर्यमा
सूर्य नक्षत्र
मघा
पद 3स्वामी: केतु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 57 मिनट 50 सेकण्ड
32 घटी 25 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 02 मिनट 10 सेकण्ड
27 घटी 35 पल
मध्याह्न (सौर)
12:17
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 25 अगस्त 2025, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:4907:26
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:2609:03
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:0310:40
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:4012:17
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:1713:55
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:5515:32
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:3217:09
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
17:0918:46
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:4620:09
चर
यात्रा, वाहन चालन
20:0921:32
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:3222:55
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:5500:17
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:1701:40
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:4003:03
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:0304:26
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:2605:49
चर
यात्रा, वाहन चालन

देवप्रयाग पंचांग — अगस्त 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 25 अगस्त 2025, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवप्रयाग पंचांग — 25 अगस्त 2025, सोमवार

देवप्रयाग (उत्तराखंड) के लिए 25 अगस्त 2025, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवप्रयाग के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवप्रयाग में 25 अगस्त 2025, सोमवार को सूर्योदय कब है?

देवप्रयाग में 25 अगस्त 2025, सोमवार को सूर्योदय 05:49 बजे और सूर्यास्त 18:46 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवप्रयाग में 25 अगस्त 2025, सोमवार को राहु काल कब है?

देवप्रयाग में 25 अगस्त 2025, सोमवार को राहु काल 07:26 से 09:03 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवप्रयाग में 25 अगस्त 2025, सोमवार को तिथि क्या है?

देवप्रयाग में 25 अगस्त 2025, सोमवार को शुक्ल द्वितीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।