ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
डुमरा, बिहार

डुमरा — पंचांग

18 दिसंबर 2026, शुक्रवार

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
12:13
चंद्रास्त
00:12
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

दिसंबर 2026 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल नवमी
23:15 तक
अगली: शुक्ल दशमी
प्रगति29%
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद (3 पाद)
16:10 तक
अगली: रेवती
स्वामी: शनि
योग
व्यतीपात
12:17 तक
अगला: वरीयान
अशुभ
करण
बालव
11:27 तक
अगला: कौलव
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल नवमी· 23:15 तक
शुक्ल दशमी
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद · पद 3· 16:10 तक
रेवती
योग
व्यतीपात· 12:17 तक
वरीयान
करण
बालव· 11:27 तक
कौलव
वार
शुक्रवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रमूल
पद1
देशांतर241°52'32"
चन्द्रमा
राशिमीन
नक्षत्रउत्तरभाद्रपद
पद3
देशांतर341°23'20"

राशि

चंद्र राशि
मीन
सूर्य राशि
धनु

डुमरा — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 — 05:42
प्रातः सन्ध्या
05:42 — 07:18
सूर्योदय
06:30
अभिजित मुहूर्त
11:20 — 12:08
अमृत कालविशेष
09:07 — 10:26
विजय मुहूर्त
14:53 — 15:35
गोधूलि मुहूर्त
16:35 — 17:23
सूर्यास्त
16:59
सायाह्न सन्ध्या
17:02 — 18:11
निशिता मुहूर्त
23:20 — 00:08
राहु काल
10:26 — 11:44
यमगंड काल
14:22 — 15:40
गुलिक काल
07:49 — 09:07
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:28 — 09:07
द्वितीय दुर्मुहूर्त
10:26 — 11:05
चंद्रोदय
12:13
चंद्रास्त
00:12
मध्याह्न
11:44

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
उत्तरभाद्रपद
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
अहिर्बुध्न्य
सूर्य नक्षत्र
मूल
पद 1स्वामी: केतु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 28 मिनट 37 सेकण्ड
26 घटी 12 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 31 मिनट 23 सेकण्ड
33 घटी 48 पल
मध्याह्न (सौर)
11:44
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:3007:49
चर
यात्रा, वाहन चालन
07:4909:07
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
09:0710:26
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:2611:44
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
11:4413:03
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:0314:22
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
14:2215:40
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
15:4016:59
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

16:5918:40
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
18:4020:22
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
20:2222:03
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:0323:44
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
23:4401:26
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
01:2603:07
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:0704:49
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:4906:30
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

डुमरा पंचांग — दिसंबर 2026

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

डुमरा पंचांग — 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार

डुमरा (बिहार) के लिए 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग डुमरा के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डुमरा में 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

डुमरा में 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार को सूर्योदय 06:30 बजे और सूर्यास्त 16:59 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

डुमरा में 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार को राहु काल कब है?

डुमरा में 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार को राहु काल 10:26 से 11:44 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

डुमरा में 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार को तिथि क्या है?

डुमरा में 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार को शुक्ल नवमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।