ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
डुमराँव, बिहार

डुमराँव — पंचांग

23 अप्रैल 2027, शुक्रवार

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
20:53
चंद्रास्त
06:38
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अप्रैल 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण तृतीया
00:00 तक
अगली: कृष्ण चतुर्थी
प्रगति3%
नक्षत्र
विशाखा (4 पाद)
05:31 तक
अगली: अनुराधा
स्वामी: बृहस्पति
योग
व्यतीपात
14:12 तक
अगला: वरीयान
अशुभ
करण
वणिज
00:00 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण तृतीया· 00:00 तक
कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र
विशाखा · पद 4· 05:31 तक
अनुराधा
योग
व्यतीपात· 14:12 तक
वरीयान
करण
वणिज· 00:00 तक
विष्टि
वार
शुक्रवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमेष
नक्षत्रअश्विनी
पद3
देशांतर8°21'05"
चन्द्रमा
राशिवृश्चिक
नक्षत्रविशाखा
पद4
देशांतर212°43'58"

राशि

चंद्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
मेष

डुमराँव — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:48 — 04:36
प्रातः सन्ध्या
04:36 — 06:12
सूर्योदय
05:24
अभिजित मुहूर्त
11:28 — 12:16
अमृत कालविशेष
08:38 — 10:15
विजय मुहूर्त
15:45 — 16:37
गोधूलि मुहूर्त
17:56 — 18:44
सूर्यास्त
18:20
सायाह्न सन्ध्या
18:23 — 19:32
निशिता मुहूर्त
23:28 — 00:16
राहु काल
10:15 — 11:52
यमगंड काल
15:06 — 16:43
गुलिक काल
07:01 — 08:38
प्रथम दुर्मुहूर्त
07:49 — 08:38
द्वितीय दुर्मुहूर्त
10:15 — 11:03
चंद्रोदय
20:53
चंद्रास्त
06:38
मध्याह्न
11:52

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
ज्येष्ठ
चन्द्र माह (अमान्त)
वैशाख
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
विशाखा
नक्षत्र स्वामी
बृहस्पति
नक्षत्र देवता
इंद्राग्नि
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी
पद 3स्वामी: केतु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 56 मिनट 02 सेकण्ड
32 घटी 20 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 03 मिनट 58 सेकण्ड
27 घटी 40 पल
मध्याह्न (सौर)
11:52
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:2407:01
चर
यात्रा, वाहन चालन
07:0108:38
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
08:3810:15
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:1511:52
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
11:5213:29
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:2915:06
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:0616:43
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
16:4318:20
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

18:2019:43
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
19:4321:06
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:0622:29
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:2923:52
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
23:5201:15
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
01:1502:38
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
02:3804:01
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:0105:24
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

डुमराँव पंचांग — अप्रैल 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

डुमराँव पंचांग — 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार

डुमराँव (बिहार) के लिए 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग डुमराँव के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डुमराँव में 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

डुमराँव में 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार को सूर्योदय 05:24 बजे और सूर्यास्त 18:20 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

डुमराँव में 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार को राहु काल कब है?

डुमराँव में 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार को राहु काल 10:15 से 11:52 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

डुमराँव में 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार को तिथि क्या है?

डुमराँव में 23 अप्रैल 2027, शुक्रवार को कृष्ण तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।