ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
द्वारका, गुजरात

द्वारका — पंचांग

23 दिसंबर 2026, बुधवार

सूर्योदय
07:30
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
17:29
चंद्रास्त
06:36
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दिसंबर 2026 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल चतुर्दशी
10:47 तक
अगली: शुक्ल पूर्णिमा
प्रगति84%
नक्षत्र
रोहिणी (4 पाद)
07:56 तक
अगली: मृगशिरा
स्वामी: चंद्र
योग
शुभ
17:15 तक
अगला: शुक्ल
शुभ
करण
वणिज
00:00 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल चतुर्दशी· 10:47 तक
शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र
रोहिणी · पद 4· 07:56 तक
मृगशिरा
योग
शुभ· 17:15 तक
शुक्ल
करण
वणिज· 00:00 तक
विष्टि
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिधनु
नक्षत्रमूल
पद3
देशांतर247°00'23"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्ररोहिणी
पद4
देशांतर53°02'53"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
धनु

द्वारका — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:54 — 06:42
प्रातः सन्ध्या
06:42 — 08:18
सूर्योदय
07:30
अभिजित मुहूर्त
12:29 — 13:17
अमृत कालविशेष
08:51 — 10:11
विजय मुहूर्त
16:07 — 16:50
गोधूलि मुहूर्त
17:52 — 18:40
सूर्यास्त
18:16
सायाह्न सन्ध्या
18:19 — 19:28
निशिता मुहूर्त
00:29 — 01:17
राहु काल
12:53 — 14:14
यमगंड काल
07:30 — 08:51
गुलिक काल
11:32 — 12:53
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:32 — 12:13
चंद्रोदय
17:29
चंद्रास्त
06:36
मध्याह्न
12:53

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
पौष
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
रोहिणी
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
ब्रह्मा
सूर्य नक्षत्र
मूल
पद 3स्वामी: केतु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 46 मिनट 33 सेकण्ड
26 घटी 56 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 13 मिनट 27 सेकण्ड
33 घटी 4 पल
मध्याह्न (सौर)
12:53
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 23 दिसंबर 2026, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
07:3008:51
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
08:5110:11
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:1111:32
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
11:3212:53
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
12:5314:14
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
14:1415:35
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
15:3516:56
चर
यात्रा, वाहन चालन
16:5618:16
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

18:1619:56
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
19:5621:35
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
21:3523:14
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
23:1400:53
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
00:5302:32
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
02:3204:11
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:1105:51
चर
यात्रा, वाहन चालन
05:5107:30
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

द्वारका पंचांग — दिसंबर 2026

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अन्य शहरों का पंचांग — 23 दिसंबर 2026, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

द्वारका पंचांग — 23 दिसंबर 2026, बुधवार

द्वारका (गुजरात) के लिए 23 दिसंबर 2026, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग द्वारका के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

द्वारका में 23 दिसंबर 2026, बुधवार को सूर्योदय कब है?

द्वारका में 23 दिसंबर 2026, बुधवार को सूर्योदय 07:30 बजे और सूर्यास्त 18:16 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

द्वारका में 23 दिसंबर 2026, बुधवार को राहु काल कब है?

द्वारका में 23 दिसंबर 2026, बुधवार को राहु काल 12:53 से 14:14 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

द्वारका में 23 दिसंबर 2026, बुधवार को तिथि क्या है?

द्वारका में 23 दिसंबर 2026, बुधवार को शुक्ल चतुर्दशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।