ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
हरिद्वार, उत्तराखंड

हरिद्वार — पंचांग

22 सितंबर 2027, बुधवार

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
22:20
चंद्रास्त
12:10
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

सितंबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण सप्तमी
00:00 तक
अगली: कृष्ण अष्टमी
प्रगति1%
नक्षत्र
रोहिणी (3 पाद)
17:51 तक
अगली: मृगशिरा
स्वामी: चंद्र
योग
सिद्धि
00:00 तक
अगला: व्यतीपात
शुभ
करण
विष्टि
00:00 तक
अगला: बव
अशुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण सप्तमी· 00:00 तक
कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी · पद 3· 17:51 तक
मृगशिरा
योग
सिद्धि· 00:00 तक
व्यतीपात
करण
विष्टि· 00:00 तक
बव
वार
बुधवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद3
देशांतर154°33'36"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्ररोहिणी
पद3
देशांतर46°40'09"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
कन्या

हरिद्वार — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 — 05:17
प्रातः सन्ध्या
05:17 — 06:53
सूर्योदय
06:05
अभिजित मुहूर्त
11:46 — 12:34
अमृत कालविशेष
07:37 — 09:08
विजय मुहूर्त
15:49 — 16:37
गोधूलि मुहूर्त
17:51 — 18:39
सूर्यास्त
18:15
सायाह्न सन्ध्या
18:18 — 19:27
निशिता मुहूर्त
23:46 — 00:34
राहु काल
12:10 — 13:41
यमगंड काल
06:05 — 07:37
गुलिक काल
10:39 — 12:10
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:39 — 11:24
चंद्रोदय
22:20
चंद्रास्त
12:10
मध्याह्न
12:10

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
कार्तिक
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
रोहिणी
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
ब्रह्मा
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
पद 3स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 09 मिनट 13 सेकण्ड
30 घटी 23 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 50 मिनट 47 सेकण्ड
29 घटी 37 पल
मध्याह्न (सौर)
12:10
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 22 सितंबर 2027, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:0507:37
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:3709:08
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
09:0810:39
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:3912:10
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
12:1013:41
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
13:4115:12
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
15:1216:43
चर
यात्रा, वाहन चालन
16:4318:15
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

18:1519:43
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
19:4321:12
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
21:1222:41
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
22:4100:10
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
00:1001:39
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:3903:08
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
03:0804:37
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:3706:05
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

हरिद्वार पंचांग — सितंबर 2027

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 22 सितंबर 2027, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

हरिद्वार पंचांग — 22 सितंबर 2027, बुधवार

हरिद्वार (उत्तराखंड) के लिए 22 सितंबर 2027, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग हरिद्वार के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरिद्वार में 22 सितंबर 2027, बुधवार को सूर्योदय कब है?

हरिद्वार में 22 सितंबर 2027, बुधवार को सूर्योदय 06:05 बजे और सूर्यास्त 18:15 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

हरिद्वार में 22 सितंबर 2027, बुधवार को राहु काल कब है?

हरिद्वार में 22 सितंबर 2027, बुधवार को राहु काल 12:10 से 13:41 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

हरिद्वार में 22 सितंबर 2027, बुधवार को तिथि क्या है?

हरिद्वार में 22 सितंबर 2027, बुधवार को कृष्ण सप्तमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।