ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Hilsa, बिहार

Hilsa — पंचांग

8 जून 2025, रविवार

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
16:11
चंद्रास्त
02:29
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जून 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
8 जून 2025, रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वादशी
07:18 तक
अगली: शुक्ल त्रयोदशी
प्रगति87%
नक्षत्र
स्वाति (3 पाद)
12:42 तक
अगली: विशाखा
स्वामी: राहु
योग
परिघ
12:17 तक
अगला: शिव
अशुभ
करण
बालव
07:18 तक
अगला: कौलव
शुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वादशी· 07:18 तक
शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र
स्वाति · पद 3· 12:42 तक
विशाखा
योग
परिघ· 12:17 तक
शिव
करण
बालव· 07:18 तक
कौलव
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृषभ
नक्षत्ररोहिणी
पद4
देशांतर53°12'17"
चन्द्रमा
राशितुला
नक्षत्रस्वाति
पद3
देशांतर195°41'20"

राशि

चंद्र राशि
तुला
सूर्य राशि
वृषभ

Hilsa — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:22 — 04:10
प्रातः सन्ध्या
04:10 — 05:46
सूर्योदय
04:58
अभिजित मुहूर्त
11:24 — 12:12
अमृत कालविशेष
10:05 — 11:48
विजय मुहूर्त
15:54 — 16:49
गोधूलि मुहूर्त
18:14 — 19:02
सूर्यास्त
18:38
सायाह्न सन्ध्या
18:41 — 19:50
निशिता मुहूर्त
23:24 — 00:12
राहु काल
16:56 — 18:38
यमगंड काल
10:05 — 11:48
गुलिक काल
15:13 — 16:56
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:05 — 10:57
द्वितीय दुर्मुहूर्त
17:47 — 18:38
चंद्रोदय
16:11
चंद्रास्त
02:29
मध्याह्न
11:48
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
ज्येष्ठ
चन्द्र माह (अमान्त)
ज्येष्ठ
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
स्वाति
नक्षत्र स्वामी
राहु
नक्षत्र देवता
वायु
सूर्य नक्षत्र
रोहिणी
पद 4स्वामी: चंद्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 40 मिनट 20 सेकण्ड
34 घटी 11 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 19 मिनट 40 सेकण्ड
25 घटी 49 पल
मध्याह्न (सौर)
11:48
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 8 जून 2025, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
04:5806:40
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
06:4008:23
चर
यात्रा, वाहन चालन
08:2310:05
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:0511:48
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
11:4813:31
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
13:3115:13
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
15:1316:56
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
16:5618:38
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

18:3819:56
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
19:5621:13
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
21:1322:31
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
22:3123:48
चर
यात्रा, वाहन चालन
23:4801:05
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:0502:23
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
02:2303:40
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:4004:58
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

Hilsa पंचांग — जून 2025

123456789101112131415161718192021222324252627282930

अन्य शहरों का पंचांग — 8 जून 2025, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Hilsa पंचांग — 8 जून 2025, रविवार

Hilsa (बिहार) के लिए 8 जून 2025, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Hilsa के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Hilsa में 8 जून 2025, रविवार को सूर्योदय कब है?

Hilsa में 8 जून 2025, रविवार को सूर्योदय 04:58 बजे और सूर्यास्त 18:38 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Hilsa में 8 जून 2025, रविवार को राहु काल कब है?

Hilsa में 8 जून 2025, रविवार को राहु काल 16:56 से 18:38 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Hilsa में 8 जून 2025, रविवार को तिथि क्या है?

Hilsa में 8 जून 2025, रविवार को शुक्ल द्वादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।